जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन को लेकर आज कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। इन खबरों में ट्वीट के बाद पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार की आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। इसके अलावा केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत एनटीए की परीक्षाएं अब यूपीएसी की तर्ज पर होगी। साथ ही यह भी खबर है कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है।
पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सत्तापक्ष चर्चा की हर कोशिश कर रहा है। साथ ही पेपर लीक मामले में चर्चा से लेकर सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दे रहा है लेकिन विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहा है। राजनीति के इस घमासान के बीच पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को छात्रों के लिए खास वीडियो संदेश जारी किया। अपने वीडियो में उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने को लेकर मसौदा तय कर लिया है। इस बिल को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का काम किया जाएगा। देखिए पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में क्या कहा। दूसरी ओर नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देर रात जारी किए गए वीडियो पर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल उठाए। राहुल ने सरकार के सामने प्रमुखता से तीन मांगें रखी। राहुल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। राहुल गांधी ने आगे फिर अपनी तीनों मांगों को दोहराया है।
परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी
इसी बीच खबर है कि मोदी सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित सुधारों के तहत परीक्षा प्रक्रिया में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी। किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के साथ छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से मिले हजारों सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है। पूरे प्लान पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि सरकार की योजना है कि एनटीए की परीक्षाएं भी संघ लोकसेवा आयोग यानी यूपीएससी की तर्ज पर फूलप्रूफ होंगी। किसी गड़बड़ी पर अधिकारी जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाया जाना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। जिम्मेदारी में कोताही उन पर भारी पड़ गई। बता दें कि नीट पेपर लीक के बाद जब सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की थी तब जोशी अपनी कुर्सी बचाने में सफल हो गए थे लेकिन अब छात्रों के आंदोलन की गाज अंतत: उन पर गिरी है। एनटीए महासचिव अभिषेक सिंह पर भी गाज गिर सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी नीट यूजी पेपर लीक के बाद से ही सख्त रुख अपनाए हुए हैं। वे एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कामकाज से बेहद नाखुश हैं। इसीलिए, उन्होंने एनटीए व मंत्रालय में सुधार का फैसला किया। सूत्रों केअनुसार इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर के राधाकृष्णन के नेतृत्व वाली एनटीए सुधार समिति व विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर पूरा ब्लूप्रिंट बन रहा है। परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व शुचिता की जिम्मेदारी व जवाबदेही डीएम की होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के सेंटर चिह्नित होने के बाद एनआईसी और एनटीए की टीमें दौरा करेंगी। सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में ओएसएम प्रणाली की भी समीक्षा होगी।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
26 दिन से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बृहस्पतिवार देर रात 12 बतकर 48 मिनट पर अनशन तोड़ दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। नड्डा के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो भी मौजूद थीं। अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश में फैलने वाली संभावित हिंसा टालने के लिए अनशन खत्म करने का फैसला लिया है। वांगचुक का अनशन खत्म कराने के बाद केंद्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने वांगचुक से कई वादे किए हैं। इसके अनुसार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों और 22 जुलाई को संसद मार्च करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी। नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
नीट पेपर लीक मामले में युवाओं के आक्रोश और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच सरकार फास्ट ट्रैक मोड में आ गई है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर न छोड़ने का एलान किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया। वहीं आज सीजेपी के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच वार्ता होगी। हालांकि बैठक की जगह का खुलासा नहीं किया गया है।





