जहरीले धुएं की चादर में लिपटा ईरान, केमिकल की बारिश से सरकार का अलर्ट

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान में भयावह घटना घटी है। इसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान काली बारिश और जहरीले धुएं की चादर में लिपटी नजर आई। इस बारिश की एक बूंद इंसानी शरीर को गलाने वाली थी। इस कैमिकल बारिश को लेकर सरकार ने भी चेतावनी जारी की है।
तेहरान पर अब तक का भीषण हमला 

अमेरिकी और इजरायल ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को ईरान की राजधानी तेहरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है। दोनों देशों की सेनाओं ने तेहरान में 20 से अधिक भारी धमाके किए। शहर के पश्चिमी हिस्सों में हुए इन हमलों के दौरान करीब आधे घंटे तक बमवर्षक विमानों की गूंज सुनाई देती रही। जिससे कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है। युद्ध का अंतर करीब आ चुका है। वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने युद्ध का अंत खुद तय करने की हुंकार भरी है। इस भीषण मिसाइलों-ड्रोनों के हमलों के बीच अब ईरान के आसमान से काले रंग का पानी बरस रहा है। इस पानी की एक बूंद इंसान के शरीर पर पड़ जाए तो वो हिस्सा सड़ने-गलने लगेगा। बता दें कि तेहरान के शाहरान फ्यूल डिपो और अल्बोर्ज की तेल रिफाइनरियों पर मिसाइलों की ऐसी बरसात हुई कि पूरा शहर आग के शोलों में तब्दील हो गया। असली खौफ तब पैदा हुआ जब सूरज तो निकला लेकिन रोशनी गायब थी। आसमान काले, घने और जहरीले धुएं से ढका था और अचानक से तेल की बारिश होने लगी।
तेहरान में आफत की बारिश

जब तेहरान में बारिश शुरू हुई, तो लोग अपनी बालकनियों से यह मंजर देख कर सहम गए। बारिश की बूंदें सफेद नहीं, बल्कि गाढ़ी काली थीं। उनमें तेल की साफ गंध आ रही थी। वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमलों में उड़े तेल डिपो और रिफाइनरियों से निकले लाखों गैलन तेल और जहरीले रसायनों ने बादलों के साथ मिलकर एक टॉक्सिक कॉकटेल बना लिया। ईरानी रेड क्रिसेंट ने इमरजेंसी अलर्ट जारी करते हुए बताया कि इस बारिश में सल्फर, नाइट्रोजन आॅक्साइड और हाइड्रोकार्बन के खतरनाक अंश हैं। यह बारिश इतनी एसिडिक है कि इससे त्वचा जल सकती हैया शरीर में सड़न पैदा कर सकती है। साथ ही इससे फेफड़ों को हमेशा के लिए नुकसान पहुंच सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति घर से बाहर न निकले और अपने घरों के एयर कंडीशनर भी बंद रखे।
जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं ईरान 

जहां एक तरफ तेहरान जल रहा है, वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं हट रहा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे को अपना नया निशाना बनाया है। ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंकों पर भीषण ड्रोन हमला किया। जिससे वहां की उड़ानों और लॉजिस्टिक्स को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बहरीन के वाटर प्लांट पर भी हमला किया है। बता दें कि खाड़ी के रेगिस्तानी देशों के लिए ये वाटर प्लांट सोने से भी कीमती हैं। ईरान का यह हमला एक सीधा संदेश है कि अगर उसके नागरिकों को प्यासा रखा गया या उनके संसाधनों को तबाह किया गया तो वह पूरे क्षेत्र की प्यास बुझाने वाले इन जरियों को भी नहीं छोड़ेगा।