जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मज को खोलने की धमकी के बाद ईरान पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। होर्मुज खोलने के बाद ईरान ने एक शर्त रख दी है। ऐसा लग रहा है कि अमेरिका इस शर्त को कभी नहीं मानेगा और यह जंग और भी भीषण रूप ले लेगी।

बता दें कि सोमवार तड़के ईरान की राजधनी तेहरान के इस्लामशहर के पास एक रिहायशी इमारत पर हवाई हमला किया गया। इस हमले में करीब 13 लोगों के मारे जाने की खबर आ रही है। ईरानी मीडिया के अनुसार यह हमला शहर के नजदीकी इलाके में हुआ। फिलहाल, इमारत पर हमले की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला काफी बड़ा था। इस हमले से भारी तबाही का मंजर देखा गया। कई लोगों के मलबे में दबे होने की भी आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। हमले में कई लोगों के घायल होने के साथ ही कई के दबे होने की भी आशंका है।

बताया जा रहा है कि तेहरान स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर भी हमला किया गया। ईरानी मीडिया का कहना है कि हमले में विश्वविद्यालय की कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है और यहां गैस वितरण केंद्र भी प्रभावित हुआ। अभी तक इस हमले के कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। बता दें कि युद्ध के चलते ईरान के शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं।
बताया जा रहा है कि इस यूनिवर्सिटी पर पहले भी कई देशों ने प्रतिबंध लगाए थे।इसका नाम ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और सैन्य अनुसंधान से जोड़ा जाता रहा है। ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने एक मिसाइल अलर्ट जारी किया है। यह भी खबर है कि संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भी दो बार ऐसे अलर्ट बजाए गए। वहां एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि ईरान की ओर से किस लक्ष्य को निशाना बनाया गया था। कुवैत ने भी दावा किया है कि उसने रातभर कई बार अपने एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए संभावित खतरों को रोका।
इसी बीच, ईरान के सरकारी अखबार के अनुसार कोम शहर के एक रिहायशी इलाके में हवाई हमला हुआ। यहां पांच लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। बता दें कि कोम तेहरान के दक्षिण में स्थित एक प्रमुख शिया धार्मिक केंद्र है।





