उच्चतम न्यायालय तक निकाला गया इंडिया गठबंधन का मार्च न्यायपालिका पर दबाव बनाने का प्रयास शिंदे

मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उच्चतम न्यायालय तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के मार्च की आलोचना करते हुए मंगलवार को इसे न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा देश में अराजकता और अस्थिरता फैलाना है।

शिवसेना नेता ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष से माफी की मांग की। उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ याचिका दायर करने के लिए निकाले गए मार्च को उच्चतम न्यायालय पर अभूतपूर्व हमला बताया। विपक्ष ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में अपनी ताकत दिखाते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ संयुक्त याचिका दायर करने के लिए उच्चतम न्यायालय तक ‘लोकतंत्र मार्च’ निकाला था। उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह भारतीय इतिहास का काला दिन था। उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालना न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश थी। देश में ऐसा पहली बार हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष को अदालत से न्याय मांगने का अधिकार है, लेकिन याचिका दायर करने के लिए मार्च निकालना देश की शीर्ष न्यायपालिका पर हमला और उसका अपमान है।