लखनऊ, एजेंसी। लखनऊ के अलीगंज इलाके में आग हादसे की शिकार हुई तीन मंजिला इमारत में बचाव अभियान सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि इमारत के भूतल पर जानवरों की एक दुकान और क्लिनिक में फंसे कुत्तों व बिल्लियों को भी बचाने की जद्दोजहद की गई। जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने इमारत के भूतल और तहखाने में बने 'पेट शॉप' और क्लिनिक में फंसे कई आवारा जानवरों को बचाने में मदद की। अलीगंज के एक पॉश इलाके में स्थित तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में सोमवार की दोपहर भीषण आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गये। ज्यादातर लोगों की मौत इमारत की ऊपरी मंजिल पर बने एनिमेशन सेंटर में हुई। जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वालीं किरण शुक्ला आग लगने की सूचना मिलने पर फौरन मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि आग लगने के समय 'पेट शॉप' और क्लिनिक के अंदर लगभग 22 कुत्ते व पिल्ले और लगभग 12 बिल्लियां और उनके बच्चे मौजूद थे। शुक्ला ने कहा, ''हमने तुरंत कुत्तों और पिल्लों को बाहर निकाला, सड़क की दूसरी ओर पहुंचाया और छांव में रखा गया। हालांकि, हमारे बेसमेंट में पहुंचने से पहले आग और भड़क चुकी थी और सामने की तरफ से अंदर जाना असम्भव था।'' उन्होंने बताया कि शाम सात बजे राहत देने वाली खबर मिली, जब बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट में सात बिल्लियां जिंदा मिलीं और उन्हें तुरंत बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। हालांकि शुक्ला ने चिंता जतायी कि बेसमेंट में मौजूद चार-पांच बिल्लियां लापता हैं और आशंका है कि आग में झुलसने से उनकी मौत हो गई है। उन्होंने कहा, ''हम इलाज के लिए आवारा जानवरों को इस पेट शॉप और क्लिनिक में लाते रहे हैं, इसलिए हम लंबे समय से यहां आते-जाते रहे हैं।'' शुक्ला ने बताया कि आग से पेट शॉप और क्लिनिक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं।
लखनऊ में आग हादसे की शिकार इमारत में फंसे जानवरों को भी बचाया गया
23-Jun-2026





