मिसाइलों में ताकतवर कौन ?, जानें, भारत की सैन्य शक्ति

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। अमेरिका और ईरान के साथ जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दूसरे पर मिसाइलों का प्रहार जारी है। दोनों ही देशों को भारी नुकसान भी हो रहा है। युद्ध में उन मिसाइलों का भी प्रयोग शुरू हो गया है जो बहुत ही खतरनाक हैं। आइये, जानते हैं किस देश के पास कितनी अधिक क्षमता की मिसाइल है।
 वॉरहेड युक्त मिसाइलों से भीषण हमला

ईरान ने इजरायल और वेस्ट बैंक पर क्लस्टर वॉरहेड युक्त मिसाइलों से भीषण हमला किया है। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरानी पावर ग्रिड को नष्ट करने की धमकी के बीच हुई है। रिहायशी क्षेत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। इससे मध्य पूर्व में मानवीय और आर्थिक संकट गहरा गया है। ऐसे में हम आपको ईरान के अलावा दुनियाभर की पांच ताकतवर मिसाइलों के बारे में जानकारी देंगे।बता दें कि बैलिस्टिक मिसाइलें ये मिसाइलें लंबी दूरी तक निशाना लगाने के लिए जानी जाती हैं। ताकतवर मिसाइलों की लिस्ट में रूस की आरएस-28 सरमत दुनिया की सबसे भारी बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाती है। इसका वजन तकरीबन 208 टन है। यह 35.3 मीटर लंबी है। 18 हजार किमी की रेंज के साथ ये साइलो बेस्ड लॉन्च साइट्स से दुनिया भर में किसी भी जगह को टारगेट कर सकती है।
 चीन के पास डीएफ-41 बैलिस्टिक मिसाइल

इसी तरह चीन की डीएफ-41 बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी रेंज 12 हजार से 15 हजार के बीच है। इसकी गति दुनिया की मिसाइलों में सबसे ज्यादा है। इसे 2017 में तैनात किया गया था। 2019 में चीन ने अपने नेशनल डे परेड के दौरान इसे पब्लिक को दिखाया था। चीन की डीएफ-41 के जवाब में भारत की सबसे लंबी दूरी वाली आपरेशनल मिसाइल अग्नि-5 है।

अग्नि-5 एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल

बता दें कि अग्नि-5 एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता फिलहाल 5,000 से 7,000 किमी से ज्यादा है। इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है। ये मिसाइल पूरे एशिया, यूरोप के कुछ हिस्सों और अफ्रीका तक पहुंच सकती है। भारत ने अग्नि सीरीज के तहत कई बैलिस्टिक मिसाइलें बनाई हैं। इनमें से कुछ पाकिस्तान को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं। अग्नि-4 और अग्नि-5 की रेंज में चीन भी आता है। अग्नि ही वह मिसाइल है जिससे चीन सबसे ज्यादा खौफ खाता है। यह 3,000-4,000 किलोग्राम के वॉरहेड को ले जा सकती है। इतनी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता केवल अमेरिका, रूस और चीन जैसे चुनिंदा देशों के पास ही है। आधुनिक और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी अग्नि-5 को रोक पाना लगभग असंभव है। भारत भविष्य के लिए अग्नि-6 भी विकसित कर रहा है। इसकी रेंज लगभग 12000 किमी होगी। बता दें कि दुनिया का कोई भी देश अपनी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों की असली रेंज नहीं बताता है। इसलिए एक्सपर्ट मानते हैं कि भारत पहले ही 8000 से 10000 किमी की रेंज हासिल कर चुका है।
एलजीएम-35 सेंटिनल अमेरिका की ताकतवर मिसाइल

इसी तरह एलजीएम-35 सेंटिनल अमेरिका की ताकतवर मिसाइल मानी जाती है। यह एक साइलो बेस्ड, तीन स्टेज वाले सॉलिड फ्यूल से चलती है। इसमें जमीन से हवा में मार करने की क्षमता है। इसकी अनुमानित रेंज 13 हजार किमी है। इसे बनाने का खर्च करीबन 140.9 बिलियन डॉलर है। अभी इस मिसाइल पर काम चल रहा है। 2030 में इसे डिप्लॉय किया जाएगा। यह आगे जाकर अमेरिका के मिनट मैन की जगह लेगा। वहीं अमेरिका की एक और खतरनाक मिसाइल का नाम रिडेंट-2-डी5 है। यह सबमरीन से लॉन्च होने वाली मिसाइल है। इसकी रेंज 12 हजार किमी है। इसके 190 से ज्यादा सफल टेस्ट हो चुके हैं।