जनप्रवाद ब्यूरो। न्यूज डेस्क। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने तीखा जवाब दिया है। ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान तेल की सप्लाई रोकता है तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। तेल और गैस की सप्लाई रुकने से तीन देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया परेशान होने लगी है। इससे तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देनी लगी है। यह परमाणु युद्ध में बदल सकता है। इस पर एक भयावह रिपोर्ट सामने आई है।
ईरान ने ट्रंप को दिया करारा जवाब
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का कड़ा जवाब दिया है। ट्रंप ने कहा था कि अगर तेल की सप्लाई रोकी गई तो ईरान पर भीषण हमला किया जाएगा। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ट्रंप को सख्त जवाब देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की खेप तो छोड़िए, एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की यह चेतावनी पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है। आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं। भारत में भी इसका असर दिखाई दे रहा है। पीएनजी और कॉमर्शियल सिलिंडर आधारित सेवाओं पर निर्भर लाखों उपभोक्ताओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हालिया दिशा-निदेर्शों के बाद कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों के वितरण को पूरी तरह रोक दिया गया है। इससे नोएडा में करीब चार लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन धारकों समेत करीब 35 हजार से अधिक एमएसएमई सेक्टर की इकाइयों की परेशानियां बढ़ गई हैं। आइजीएल ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए उद्योगों को दूसरे विकल्प तलाशने की सलाह दी है। इससे उद्यमी व व्यापारी परेशान हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई समुद्री माइन
दुनिया में तेल संकट के बीच पता चला है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइन बिछाना शुरू कर दिया है। यह सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय एनर्जी चोकपॉइंट है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा निकलता है। यह बात समझने के लिए काफी है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा तो तीसरा विश्व युद्ध निश्चित है। नई रिपोर्ट के अनुसार चीनी मिलिट्री सैटेलाइट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इन तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य अड्डों की खुफिया जानकारियां भरी पड़ी हैं। ऐसा अंदेशा है कि चीन अमेरिकी सैन्य अड्डे की खुफिया जानकारियों को ईरान के साथ साझा कर रहा है। इन सैटेलाइट तस्वीरों में अमेरिकी सैन्य अड्डों के रियल टाइम हालात को काफी डिटेल के साथ बताया गया है। यानी इस युद्ध में चीन सीधे तौर पर नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गया है। वहीं रूस और उत्तर कोरिया भी ईरान के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।
रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंकाया
पश्चिम एशिया युद्ध के बीच एक नई रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की जंग के लगातार बढ़ते रहने से दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। नई वैज्ञानिक स्टडी के अनुसार अगर दुनिया भर की 12 हजार न्यूक्लिअर मिसाइलों का इस्तेमाल होता है, तो लगभग 5 अरब लोग मारे जाएंगे। पूरी दुनिया न्यूक्लिअर विंटर यानी परमाणु शीत की चपेट में आ जाएगी। दुनिया में 10 साल तक बर्फ की बरसात होगी। अनुमान के अनुसार दुनिया में अगर परमाणु जंग हो गई तो केवल दो ऐसे देश हैं, जो बचे रहेंगे। वहां भी जीवन आसान नहीं होगा। प्रसिद्ध शोध पत्रिका नेचर में प्रकाशित पीयर-रिव्यूड स्टडी और एक्सपर्ट्स के दावों के अनुसार भीषण परमाणु युद्ध के बावजूद आॅस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड बचे रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण ये देश परमाणु शीत की मार झेल सकते हैं। न्यूक्लियर वॉर ए सिनेरियो की लेखिका एनी जैकबसन ने बड़ी चेतावनी दी है। उनके अनुसार परमाणु विस्फोटों से निकलने वाले आग के गोले 100 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो सकते हैं। इसके बाद आयोवा और यूक्रेन जैसे कृषि प्रधान इलाके 10 साल तक बर्फ से ढके रहेंगे। जब खेती पूरी तरह विफल हो जाएगी, तो लोग भूख से मरने लग जाएंगे।





