जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान की जंग अब खतरनाक मोड में पहुंच चुकी है। अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे अहम ठिकाने खार्ग आईलैंड पर बड़ा हवाई हमला किया है। ट्रंप ने दावा किया है कि सेना ने द्वीप पर बड़े पैमाने पर बमबारी कर वहां मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यूएस ने 2500 मरीन और जंगी जहाज भेजे हैं। इसके बाद युद्ध और भी भयाभय रूप लेने वाला है।
खार्ग आइलैंड पर हमला
बता दें कि अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमला कर दिया है। अमेरिकी सेना ने बमबारी कर इस आइलैंड को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। यह इस जंग का अब तक का सबसे भीषण हमला माना जा रहा है। हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर बमबारी कर वहां मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप के अनुसार यह हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से किया गया और इसका उद्देश्य ईरान से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करना था। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह हमला मध्य पूर्व के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया। उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया। बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह फारस की खाड़ी में स्थित एक बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। यहां से ईरान का बड़ा हिस्सा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों को भेजा जाता है। यही कारण है कि इस द्वीप को ईरान की ऊर्जा व्यवस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
अमेरिकी सेना के पास ताकत
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास इतनी ताकत है कि वह द्वीप के पूरे तेल ढांचे को भी नष्ट कर सकती थी। उन्होंने ऐसा न करने का फैसला लिया। ट्रंप के अनुसार यह फैसला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने और मानवीय कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया। इस बीच खबर है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने 2500 मरीन और समंदर के साथ-साथ जमीन से हमला करने वाला युद्धपोत भेज रहा है। अधिकारियों के अनुसार मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह अमेरिकी सैन्यबलों की एक बड़ी मजबूती मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के कुछ हिस्सों और समंदर के साथ-साथ जमीन से हमला करने वाले जहाज ट्रिपोली को मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ने का आदेश दिया गया है।
मोजतबा खामेनेई पर इनाम
इसी कड़ी में अमेरिका ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और उनसे जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर एक करोड़ डॉलर तक का इनाम घोषित किया है। यह कदम ईरान की सैन्य और सुरक्षा संरचना से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर ईरान भी पीछे नहीं है। भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। बताया जा रहा है कि ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ हमला किया। जिसमें अमेरिकी वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही ईरान ने सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को भी निशाना बनाया और खूब बम बरसाए। इन हमलों में वहां खड़े पांच अमेरिकी वायु सेना के पांच रिफ्यूअलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए।
अल-अंबिया सेंट्रल पर हमला
ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघरी ने आज टीवी पर संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और जायनिस्ट हर उस खून की कीमत चुकाएंगे जो अन्याय से बहाया गया और हुए नुकसान का मुआवजा देंगे। जोल्फाघरी ने बताया कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम्स ने देश के आकाश की रक्षा के तहत कई ड्रोन नष्ट किए हैं। उन्होंने दावा किया कि अब तक कुल 112 ड्रोन और लड़ाकू विमान नष्ट किए जा चुके हैं, जिनमें लड़ाकू, निगरानी और सुसाइड ड्रोन शामिल हैं। दूसरी ओर उत्तरी इजरायल के गलील इलाके में रॉकेट और मिसाइल दागे जाने की सूचना मिली है। नागरिक सुरक्षा एजेंसी इजरायल होम फ्रंट कमांड ने बताया कि सुबह करीब 4 बजकर 22 मिनट पर इस क्षेत्र में खतरे की चेतावनी जारी की गई। एजेंसी के अनुसार रॉकेट और मिसाइल हमले की आशंका के बाद उत्तरी इस्राइल के कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया।





