भारत के जहाज पर हमला, अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध पर बड़ा खुलासा

जनप्रवाद ब्यूरो टीम। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक जहाज पर हमला हुआ है। भारत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। इस बीच इस युद्ध को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। ईरान युद्ध की अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। 6 दिन में 11.3 अरब डॉलर स्वाहा हो गए हैं। साथ रिपोर्ट में पता चला है अब ईरान भी अमेरिका पर हमला करने जा रहा है।
पुलिस विभाग को चेतावनी 

अमेरिका के फेडरल जांच ब्यूरो ने पुलिस विभाग को चेतावनी दी है कि ईरान अमेरिका के पश्चिमी तट पर ड्रोन पर हमले कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट  इसका खुलासा किया है। अलर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी हमलों का बदला लेने के लिए ईरान ऐसे हमले कर सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी हुई है। ईरान ने जवाबी हमलों में इजरायल और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। अलर्ट में खुफिया जानकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने अमेरिकी तट के पास एक जहाज से ड्रोन लांच करने के आइडिया पर विचार किया था। 
अमेरिका को भारी पड़ रही जंग

 


दूसरी ओर रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि  ईरान के साथ जंग अमेरिका को काफी भारी पड़ रही है। ईरान पर हमले के बाद छिड़ी जंग के पहले छह दिनों में अमेरिका को कम से कम 11.3 अरब डॉलर यानी 1.04 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस की एक ब्रीफिंग में सांसदों को यह जानकारी दी है। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बंद कमरे में बैठक के दौरान सीनेटरों के सामने यह आंकड़ा रखा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है। कांग्रेस के कई सदस्यों को उम्मीद है कि ट्रंप प्रशासन जंग के लिए कांग्रेस से और फंडिंग का अनुरोध कर सकता है। कुछ का मानना है कि यह अनुरोध 50 अरब डॉलर का हो सकता है, जबकि दूसरों यह अंदाजा कम लगाया है।
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी


अमेरिका और इजरायल के तेज हो रहे हमलों के बीच ईरान ने कहा कि वो एक लंबे और थकाऊ युद्ध के लिए तैयार है। यह दुनिया की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा। बता दें कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे दो कमर्शियल जहाजों पर हमला कर दिया। इसमें एक भारत आ रहा था। इस हमले के बाद ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान का कहना है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों ने अगर उसके आदेशों की अनदेखी की तो उन्हें भी निशाना बनाया जाएगा। बता दें कि ईरान ने वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट पर अपना दबाव और कड़ा कर दिया है। ये वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई गुजरती है। इस संकट ने पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है। भारत में गैस की किल्लत की खबरें लगातार आ रही हैं।
भारत सरकार ने की हमले की कड़ी 

भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी हालत में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों की जान को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पहले भी ऐसे हमलों में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। अब इन हमलों की गंभीरता और बढ़ती दिखाई दे रही है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान में अमेरिकी सेना के हमलों के लिए  बहुत कम ठिकाने बचे हैं। वो जब चाहें, युद्ध खत्म हो सकता है। इंटरव्यू में ट्रंप ने आगे कहा कि इस युद्ध को फिलहाल अधर में नहीं छोड़ा जा सकता है। ट्रंप ने अपने बयान में युद्ध के लंबे खिंचने के संकेत दिए। वहीं ईरान ने कहा कि वह लंबी जंग को तैयार है। उसने मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों पर बमबारी की है। अब मध्य पूर्व में वित्तीय संस्थान और बैंक उसके निशाने पर हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध समाप्त करने की तीन शर्तें रख दी हैं। उन्होंने कहा है कि युद्ध खत्म करने का एकमात्र रास्ता यह है कि ईरान के वैध अधिकारों को स्वीकार किया जाए। युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि अगर इन तीनों शर्तों को मान लिया जाता है तो तेहरान जंग समाप्त करने के लिए तैयार है।