भारत आएंगे कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, कड़वाहट होगी खत्म

जनप्रवाद ब्यूरो। कनाडा अब अमेरिका का विकल्प तलाशने लगा है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी अमेरिका पर निर्भरता कम करके व्यापार की नयी संभावनाएं तलाशने की कोशिश के तहत इस सप्ताह और अगले सप्ताह भारत, आॅस्ट्रेलिया तथा जापान की यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को बताया कि कार्नी सबसे पहले बृहस्पतिवार को मुंबई जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत करेंगे। आॅस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा की यात्रा के दौरान कार्नी वहां की संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। वे आॅस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी मुलाकात करेंगे।
रिश्तों का रीसेट करेंगे कार्नी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का यह पहला भारत दौरा होगा। वे इसी महीने दिल्ली पहुंचेंगे। ये दौरा ऐसे वक्त में अहम माना जा रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ट्रेड में काफी उठापटक चल रही है। दुनिया में नए-नए सहयोगी बन रहे हैं। पीएम मोदी और मार्क कार्नी मिलकर दोनों देशों के रिश्तों का रीसेट बटन दबाएंगे। बता दें कि पिछले कुछ समय से भारत और कनाडा के बीच खटास और कड़वाहट पैदा हो गई थी। वह अब दोस्ती में बदल सकती है। जानकारों का मानना है कि कार्नी के इस कदम से भारत के डिफेंस (रक्षा) और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तरक्की के नए दरवाजे खुल सकते हैं। भारत की क्लीन एनर्जी और बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए सबसे बड़ी डील हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, कनाडा की कंपनी कमेको भारत को अगले 10 सालों तक यूरेनियम सप्लाई करने के लिए लगभग 2.8 बिलियन डॉलर यानी करीब 23,000 करोड़ रुपए के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है। इससे भारत के परमाणु रिएक्टरों को लंबे समय तक ईंधन मिलता रहेगा।
हो सकती है डील

कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक इंडो-पैसिफिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो 26 फरवरी को भारत आएंगे। मार्क कार्नी अपने भारत दौरे की शुरूआत मुंबई से करेंगे, जहां वो देश के बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे. उनका मकसद कनाडा में भारतीय निवेश को बढ़ावा देना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत करना रहेगा। इसके बाद वो नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत होगी। इस दौरान कई डील हो सकती है।
जापान जाएंगे कार्नी

भारत के बाद बाद कार्नी तोक्यो जाएंगे, जहां वह जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मिलेंगे और स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों व खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कार्नी ने एक बयान में कहा कि अनिश्चितता के इस दौर में, कनाडा उन चीजों पर ध्यान दे रहा है जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं। हम अपने व्यापार में नयी संभावनाएं तलाश रहे हैं और बड़े नए निवेश आकर्षित कर रहे हैं। कार्नी ने कनाडा के लिए अगले दस साल में अमेरिका के बाहर अपने निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी शुल्क निवेश को कमजोर कर रहे हैं।