जन प्रवाद, ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध अनवरत जारी है। ईरान पर जहां इजरायल लगातार हमला कर रहा है, वहीं ईरान भी इजरायल सहित खाड़ी देशों पर हमलावर है। युद्ध के शुरुआती दिनों में ही अयातुल्लाह खामेनेई के मारे जाने के बाद आखिरकार ईरान ने अपना नया सर्वोच्च नेता तय कर लिया है। सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। जानकारी के अनुसार आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान के इस्लामिक शासन का अगला शासक नियुक्त किया गया है। अब मोज्तबा खामेनेई के निजी और राजनीतिक जीवन पर चर्चा शुरू हो गई है। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मोज्तबा अखबारों के मालिक हैं और उनका साम्राज्य लंदन से दुबई तक फैला हुआ है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायली हमलों के बीच ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने अगले सर्वोच्च नेता के रूप में एक गुप्त 56 वर्षीय धर्मगुरु मोज्तबा खामेनेई को चुना है। मोज्तबा देश की अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के भी बेहद करीब हैं।
बता दें कि मोज्तबा को सार्वजनिक रूप से बहुत ही कम देखा गया है। उनके बारे में लोगों को बहुत ही कम जानकारी है। अपने पिता के जिंदा रहते ही इस पद का उम्मीदवार माना जा रहा था। यही नहीं ऐसी भी चर्चाएं हैं कि मोज्तबा खामेनेई के विचार अपने पिता से भी अधिक कट्टरपंथी हैं।

दुनियाभर में है अकूत संपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तेहरान से लेकर दुबई और फ्रैंकफर्ट तक उनकी प्रॉपर्टी है। एक पश्चिमी खुफिया एजेंसी के आकलन के मुताबिक मोज्तबा इन्वेस्टमेंट की दुनिया में बड़ा नाम रखते हैं। सूत्रों की मानें तो मोज्तबा आम तौर पर अपनी संपत्तियां सीधे तौर पर अपने नाम पर नहीं रखते, लेकिन कई सौदों में उनकी सीधी भूमिका रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी आर्थिक ताकत फारस की खाड़ी में शिपिंग करोड़ों से लेकर रिक्स बैंक खातों और ब्रिटेन की लग्जरी प्रॉपर्टी तक फैली हुई है। ब्रिटेन में उनकी संपत्तियों की कीमत 10 करोड़ पाउंड यानी करीब 138 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई जाती है।





