मौत की सच्चाई से रुबरू करा रहा है यह फेस्ट, इस देश में चल रहा है आयोजन

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली:  थाईलैंड में चल रहा डेथ फेस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। तीन दिन के इस फेस्ट में लोगों को यह अनुभव कराने की कोशिश की जा रही है कि मौत जिंदगी का ही एक हिस्सा है। इस फेस्ट की सबसे चर्चित एक्टिविटी है 'Test Die' यानी मौत का ट्रायल है। अलग-अलग डिजाइन के ताबूत रखे गए हैं जिनमें लोग लेटते हैं और ऊपर लगे शीशे में खुद को देखते हैं। ये अनुभव डरावना कम और सोचने पर मजबूर ज्यादा करता है कि जिंदगी कितनी नाजुक है। कई लोग इसे मानसिक शांति से जोड़कर देख रहे हैं। 

मौत को महसूस करने का अनोखा मौका 
थाईलैंड में बैंकॉक के पास नोनथाबुरी में लगे इस तीन दिन के मेले में लोग खुद ताबूत में लेटकर 'after death experience' जैसा अहसास लेते हैं। इस फेस्ट का मकसद डर फैलाना नहीं, बल्कि जिंदगी की हकीकत से रूबरू कराना है. यहां आने वाले लोग coffin experience लेकर खुद को आईने में देखते हैं, जैसे अपनी ही मौत का मंजर देख रहे हों। 

दूसरी बार किया जा रहा है आयोजन
थाईलैंड में इस अनोखे मेले का दूसरी बार आयोजन किया जा रहा है। इसके जरिए एक ऐसे विषय को सामने लाया रहा है जो कई लोगों के लिए असहज है। मौत का नाम सुनकर अक्सर लोग डर जाते है या उसके बारे में बात नहीं करते लेकिन यह फेस्ट मौत की सच्चाई को प्रखर तरीके से लोगों के सामने लाने का प्रयास कर रही है। 

बौद्ध सोच और जिंदगी का सच
इस फेस्ट के पीछे बौद्ध धर्म की सोच है, जो जीवन के चार सच...जन्म, बुढ़ापा, बीमारी और मृत्यु को स्वीकार करने की बात करती है। आयोजकों का मानना है कि, मौत को समझने से इंसान बेहतर जीना सीखता है। यहां एक eco friendly biodegradable coffin भी दिखाया गया जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर अंतिम संस्कार की नई सोच देता है। आज के दौर में लोग मौत से डरते हैं, बात तक नहीं करना चाहते, लेकिन यह फेस्ट सिखाता है कि मौत कोई डर नहीं, बल्कि जिंदगी का हिस्सा है।