भारतीय वायु सेना का सुखोई-30 एमकेआई विमान क्रैश, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर हुए शहीद 

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: असम में भारतीय वायु सेना का सुखोई-30 एमकेआई विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर बलिदान हो गए। पुरवेश नागपुर के रहने वाले थे। इस दुखद घटना के बाद उनके परिवार में मातम छा गया। उनके पिता रवींद्र दुरगकर का रो रोकर बुरा हाल है। उन्हें बस यही याद आ रहा है कि 10 दिन पहले ही उनका बेटा घर आया था और बुधवार को ही फोन पर बात हुई थी। इसके अलावा स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ गुरुग्राम के रहने वाले थे। अनुज की कुछ ही दिनों में शादी होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। अचानक आई इस दुखद घटना ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया। घर में परिवारजनों का रो- रोकर बुरा हाल है।

भारतीय वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश 
 भारतीय वायुसेना ने इस गंभीर हादसे की गहराई से जांच करने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों में तकनीकी खराबी या खराब मौसम की आशंका जताई जा रही है लेकिन सटीक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर जताया दुख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, सुखोई-30 और मिराज विमान के स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अंशुल दुर्गाकर के जाने से बहुत दुख हुआ। देश के लिए उनकी हिम्मत और सेवा को हमेशा गर्व और आभार के साथ याद किया जाएगा। दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। दुख की इस घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया दुख
असम के कार्बी आंगलोंग जिले में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत हो गई। सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा,असम में सुखोई-30 विमान की दुर्घटना और हमारे बहादुर जवानों - स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के निधन की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। राष्ट्र के लिए उनकी सेवा और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। दुख की इस घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं।’’