चीन का बढ़ता प्रभाव होगा संतुलित, भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। पीएम मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा ऐतिहासिक रही। इस दौरान दौरान दोनों देशों ने 10 एमओयू और 8 बड़े ऐलान किए। इसमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कृषि, शिक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर हुए समझौते हुए। दोनों देश रिश्तों को नई मजबूती देने पर सहमत हुए हैं। इन समझौतों को चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
रणनीतिक साझेदारी का दर्जा 

भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रिश्तों को नई ऊंचाई देते हुए द्विपक्षीय संबंधों को आधिकारिक तौर पर रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दे दिया है। दोनों देशों ने इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप 2030 को मंजूरी दी है। इसके तहत अगले चार वर्षों में व्यापार, कृषि, सुरक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान यह बड़ा फैसला लिया गया। खास बात यह है कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह 40 वर्षों बाद पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा है। भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम आॅफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरआॅपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है। इसके अलावा भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।
आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति 

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे। भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्त्सा क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के विकास के लिए न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी है। 
नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी की खोज

अन्य समझौतों की बात करें तो भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के बीच सहयोग बढ़ाने पर समझौता हुआ है। इससे आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही  पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है। इसके तहत भारत-न्यूजीलैंड  मिलकर नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी उत्पादन के लिए 2 सेंटर आॅफ एक्सीलेंस स्थापित करेंगे। साथ ही नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी आॅफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है। इसी तरह  पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम आॅफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। 
व्यापार के क्षेत्र में भी अहम समझौता 

भारत और न्यूजीलैंड ने व्यापार के क्षेत्र में भी अहम समझौता किया है। इसके तहत  2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।  दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है। न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा। न्यूजीलैंड ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल होने का ऐलान किया है। इससे दोनों देशों के बीच बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत होगा।