सिकंदर का बसाया शहर मिला, लंबे समय से खोज रहे थे पुरातत्वविद

जनप्रवाद टीम। पुरातत्वविदों ने दक्षिणी इराक की खाड़ी में बड़ी खोज की है। इस बार किसी जीव या खजाने की नहीं बल्कि हजारों साल पहले खो चुके एक ऐतिहासिक शहर की खोज हुई है। बताया जा रहा है कि ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में स्थापित यह शहर विशालकाय अलेक्जेंड्रिया का भाग था। इसे सिकंदर ने बसाया था।
सिंकदर से जुड़ी बड़ी खोज

356 ईसा पूर्व प्राचीन यूनानी सम्राट रहे महान सिंकदर से जुड़ी बड़ी खोज हुई है। बता दें कि सिकंदर को विश्व में एक आक्रमणकारी के रूप में जाना जाता है। उसने 32 साल की उम्र में ही आधे से अधिक ज्ञात विश्व को जीत लिया था। सिकंदर को उसके उत्कृष्ट सैन्य रणनीति और पराक्रम के कारण महान कहा जाता है। 30 साल की उम्र में उसने दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्य स्थापित कर लिया था। यह आधुनिक पश्चिमी और मध्य एशिया तक फैला हुआ था। उसने लगभग 1,000 मील की यात्रा की और सात देशों और 2,000 से अधिक शहरों पर विजय प्राप्त की।
लंबे समय से खोया था शहर

अब पुरातत्वविदों ने सिकंदर महान द्वारा स्थापित एक लंबे समय से खोए हुए शहर का पता लगा लिया है। यह कभी प्राचीन मेसोपोटामिया को सीधे फारस की खाड़ी के व्यापार मार्गों से जोड़ता था। टिगरिस नदी पर स्थित अलेक्जेंड्रिया के नाम से जानी जाने वाली ये बस्ती दक्षिणी इराक में खाड़ी के पास स्थित बताई जा रही है। इस खोज को आश्चर्यजनक बताया जा रहा है। बता दें कि ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में स्थापित यह शहर कई अलेक्जेंड्रिया में से एक था। यह जगह अपने प्रकाशस्तंभ और पुस्तकालय के लिए विश्व प्रसिद्ध था। रिपोर्टों के अनुसार ये जगह रणनीतिक रूप से बंदरगाह से जुड़ी हुई थी। यह टिगरिस नदी पर ट्रैफिक को खाड़ी और उससे आगे के समुद्री मार्गों से जोड़ता था। इस शहर के बारे में कहा जा रहा है कि पुराने समय में ये शहर मेसोपोटामिया के मुख्य क्षेत्रों और प्राचीन दुनिया के बीच माल और लोगों के आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।
प्रोफेसर स्टीफन आर. हाउजर का बयान

खोजकर्ताओं की टीम में शामिल रहे पुरातत्व के प्रोफेसर स्टीफन आर. हाउजर ने अपनी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस खोए हुए शहर के साक्ष्यों की गुणवत्ता आश्चर्यजनक है। इसमें इमारतों की दीवारें सतह के ठीक नीचे दिखाई दे रही हैं। इस खोए हुए शहर का क्षेत्रफल भी विशाल है। लगभग 2.5 वर्ग मील यानी 6.5 वर्ग किलोमीटर के दायरे में यह शहर बसा हुआ था। यह प्राचीन युग की प्रमुख राजधानियों के बराबर या उनसे भी अधिक बड़ा था। पुरातत्वविदों का कहना है कि साम्राज्यों के उत्थान और पतन की वजह से शहर के अवशेष धीरे-धीरे समाप्त होते चले गए। अब जियोफिजिकल स्कैन और ड्रोन इमेजरी की मदद से किलेबंदी की दीवारें, सड़क और शहरी ब्लॉक सामने आए हैं।