जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। दिल्ली एम्स में रविवार को डॉक्टरों की टीम ने हरीश राणा के जीवन रक्षक उपकरणों की सफाई की। आज एम्स प्रशासन की ओर से गठित की गई डॉक्टरों की कमेटी की बैठक होगी। बैठक में हरीश राणा की इच्छामृत्यु के लिए उनकी जीवन रक्षक प्रणाली को हटाने पर चर्चा कर फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि रविवार को दिनभर हरीश राणा के गले और पेट में डाली गई ट्यूब को हटाने की चर्चा होती रही। हालांकि, एम्स ने इस पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। इस बाबत एम्स की कार्यकारी प्रवक्ता अस्मिता पाटिल का कहना है कि एम्स सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहा है। बता दें कि हरीश राणा को 13 वर्ष पूर्ण गंभीर चोट लग गई थी। इसके चलते वे कोमा में चले गए थे। हरीश के गले में ट्रैकियोस्टॉमी कर एक ट्यूब डाली गई थी। साथ ही उनके पेट में एक ट्यूब डाली गई थी।

इस मामले में सवोच्च न्यायालय ने 11 मार्च को हरीश को इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी थी। इसके बाद उनके जीवन रक्षक उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की स्वीकृति मिली। 14 मार्च की सुबह हरीश को एम्बुलेंस से दिल्ली एम्स लाया गया। यहां से एम्स के इंद्रप्रस्थ हॉस्पिटल के पेलिएटिव केयर वार्ड में भर्ती कराया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि हरीश को लगी ट्यूब की साफ-सफाई की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद पेलिएटिव केयर दिया जाएगा ताकि दर्द न हो।

‘सबको माफ कर दो और चले जाओ’
इच्छामृत्यु के लिए जाते समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कहा जा रहा है, ‘सबको माफ कर दो और चले जाओ’। यह वीडियो देखने में बाद हर कोई गमगीन हो जा रहा है। बता दें कि एम्स ने करीब नौ डॉक्टरों की कमेटी गठित की है। कमेटी में ईएनटी, मेडिसिन, एनेस्थेसिया और पेलिएटिव केयर के विशेषज्ञ सहित कई विभागों के डॉक्टर शामिल हैं।
आज एम्स के डॉक्टरों की बैठक में इस बात का निर्णय लिया जाएगा कि उनके गले और पेट में लगी ट्यूब को किस तरह से हटाया जाए।





