जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। यूपी में अब यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा देने का प्लान तैयार कर लिया गया है। योगी सरकार उत्तर प्रदेश में यूनानी मेडिकल कॉलेज और डिस्पेंसरी खुलने पर विचार कर रही है। रविवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल यूनानी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सम्मेलन में कहा कि यूपी में यूनानी मेडिकल कॉलेज और डिस्पेंसरी खोली जाएगी।
गौरतलब है कि प्रसिद्ध चिकित्सक स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सेवी हकीम अजमल खान के जन्मदिन पर यूनानी दिवस समारोह पर वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि यूनानी विधा आम जनमानस में लोकप्रिय भारतीय चिकित्सा पद्धति है। ये एक प्राकृतिक एवं कारगर पद्धति है। कार्यक्रम में मौजूद आयोजक सचिव डॉक्टर नाजिर अब्बास, यूनानी सेवाओं के निदेशक प्रो. जमाल अख्तर ने भी यूनानी चिकित्सा की उपयोगिता बताई।
इस अवसर पर डॉ. एम मुईद ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार को संबोधित एक ज्ञापन में यूनानी एम्स खोलने की बात रखी। उन्होंने बरेली में नव निर्मित यूनानी कॉलेज का नामकरण हकीम अजमल खान के नाम पर किए जाने, यूनानी चिकित्सकों द्वारा आकस्मिक एवं शल्य चिकित्सा में आईवी फ्लूइड थेरेपी के प्रयोग का अधिकार दिए जाने, यूनानी चिकित्सकों के पांच वर्षीय पंजीकरण और खाली पद भरने की मांग रखी। केरल के यूनानी चिकित्सक डॉ. केटी अजमल, केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ. कौसर उस्मान, एनयूडीडब्ल्यूए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस मुईद अहमद ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।





