देश का पहला ईवी चार्जर लांच, इथेनॉल से इलेक्ट्रिक कार होगी चार्ज 

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। ई-20 पेट्रोल को लेकर पूरा विपक्ष विरोध में है। यहां तक कि आप नेता अरविंद केजरीवाल ने पीएम आवास तक मार्च निकालने का ऐलान कर दिया है। विपक्ष दलों की इस राजनीति के बीच एक अहम खबर सामने आई है। अब इथेनॉल और पेट्रोल न केवल कार चलेगी बल्कि इलेक्ट्रिक कार चार्ज भी होगी। देश का पहला ईवी चार्जर आज लॉन्च हो गया है। आइए जानते हैं यह किस तरह से काम करेगा। 
ई-20 पेट्रोल के विरोध में विपक्ष

सरकार भले ही ई-20 पेट्रोल के फायदे गिना रही है लेकिन विपक्ष को इसमें खामियां ही खामियां नजर आ रही है। केंद्र सरकार का मानना है कि पेट्रो पदार्थों के मामले में देश का आत्मनिर्भर होना चाहिए। इस विजन को पूरा करने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। इसमें सबसे अहम इथेनॉल और पेट्रोल का मिश्रण है। इस योजना के विरोध में पूरा विपक्ष मुखर हो चुका है। राहुल गांधी के पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद अब आप ने दिल्ली में पीएम आवास पर पैदल यात्रा का बिगुल बजाया है। आप नेता केजरीवाल ने अपने 100 साथियों के साथ ई-20 पेट्रोल के विरोध में मार्च निकालने का ऐलान किया। यह बात अलग है कि अभी तक दिल्ली पुलिस से मार्च की इजाजत नहीं मिली है। फिलहाल यह बातें तो राजनीतिक हैं। हम अपने विकास के मुद्दे पर वापस लौटते हैं। 
ऊर्जा का बनेगा सबसे बड़ा स्रोत 

बता दें कि जिस इथेनॉल का विरोध हो रहा है वह आने वाले समय में देश की ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत बनने जा रहा है। यानी अब इथेनॉल सिर्फ पेट्रोल में मिलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करने के लिए बिजली भी बनाई जाएगी। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कई जगह अब भी चार्जिंग स्टेशन की कमी सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। खासकर हाईवे और दूरदराज के इलाकों में जहां बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है वहां ज्यादा मुश्किल हो रही है। तेलंगाना में 150 किलोवॉट का इथेनॉल से चलने वाला ईवी चार्जिंग सिस्टम लॉन्च किया गया है। यह पावर ग्रिड पर निर्भर नहीं रहेगा बल्कि ये इथेनॉल से तैयार बिजली से गाड़ियों को चार्ज करेगा। इसे दुनिया का पहला इथेनॉल बेस्ड ईवी चाार्जिंग सॉल्यूशन बताया जा रहा है।  इस नई तकनीक में 150 किलोवॉट का फास्ट ईवी चार्जर और इथेनॉल से बिजली बनाने वाले सिस्टम को एक साथ जोड़ा गया है। यानी यह सिस्टम पहले इथेनॉल की मदद से बिजली तैयार करता है और फिर उसी बिजली से इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करता है। इससे चार्जिंग स्टेशन को हर समय ट्रेडिशनल इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। 

जी. किशन रेड्डी ने दिया बयान

इस बारे में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि यह कंपनी का बेहद खास प्रयोग है। इसकी मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को ट्रेडिशनल बिजली की बजाय इथेनॉल की मदद से तैयार की गई इलेक्ट्रिसिटी से चार्ज किया जा सकेगा। उनके अनुसार यह तकनीक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और भारत में तेजी से बढ़ रहे इथेनॉल के इस्तेमाल को एक साथ जोड़ती है. इससे ग्रीन एनर्जी और मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह देश की ऊर्जा का सबसे बड़ा साधन बनकर उभरेगा। वहीं इस तकनीक का सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज इंस्टॉलेशन है। कंपनी के अनुसार यह चार्जिंग यूनिट सिर्फ 72 घंटे में चालू की जा सकती है। वहीं परंपरागत चार्जिंग स्टेशन शुरू करने में कई बार बिजली कनेक्शन, मंजूरियों और अन्य तैयारियों के कारण काफी ज्यादा समय लग जाता है। बताया गया है कि इस नई तकनीक से चार्जिंग स्टेशन लगाने की लागत और सेटअप का समय 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इससे उन इलाकों में तेजी से चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी जहां ईवी की संख्या बढ़ रही है लेकिन चार्जिंग स्टेशन बेहद काम हैं। अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है, तो भविष्य में हाईवे, फ्लीट डिपो, रिमोट एरिया और कम बिजली वाले इलाकों के लिए यह वरदान साबित होगी।