जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली: केरल की चुनावी सियासत इन दिनों गरमाई हुई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की जिसके साथ ही पूरे राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। इस बीच अब चुनाव आयोग ने एक बेहद अनोखी और स्वादिष्ट योजना तैयार की है। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का स्वागत हलवे से किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रतन यू. केलकर ने इस अभिनव पहल का ऐलान किया, जिसे 'वोट स्वीटेंड केरलम' नाम दिया गया है। 29 मार्च को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में युवाओं की भागीदारी को उत्साहजनक और यादगार बनाना है।
कैसे काम करेगी यह योजना?
आदेश के मुताबिक, इस अभियान के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में चुनिंदा मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। इन केंद्रों पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को विशेष रूप से तैयार 'ब्रांडेड हलवा' के पैकेट दिए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों को उनके कार्यालयों में 200-200 विशेष हलवा पैकेट भेजे जाएंगे। ये अधिकारी अपने-अपने जिलों में उन बूथों का चयन करेंगे, जहां युवाओं की संख्या अधिक है।

बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) और वालंटियर्स पहले से ही मतदाता सूची के आधार पर उन मतदाताओं की पहचान करेंगे जो पहली बार वोट डाल रहे हैं। जैसे ही ये युवा अपना वोट डालकर बाहर आएंगे, उन्हें यह उपहार भेंट किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हलवा वितरण से मतदान की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू वितरण के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवकों की मदद भी ली जा सकती है।
यह है केरल चुनाव का शेड्यूल
केरल विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान 15 मार्च को किया गया। चनाव आयोग की ओर से घोषित शेड्यूल के अनुसार 9 अप्रैल को वोटिंग होगी वहीं वोटों की गिनती 4 मई को होगी। केरल में कुल 140 सीटों पर चुनाव होने है।





