जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने इतिहास की सबसे चौंकाने वाली खोज की है। 7 करोड़ साल पुराना डायनासोर का अंडा एकदम सही हालत में मिला है। इसे देखकर वैज्ञानिक दंग रह गए हैं। वहीं इसे लेकर तरह तरह की बातें कही जा रही हैं। कुछ वैज्ञानिक इसे पृथ्वी की टाइम मशीन तो कुछ इसे फिर से डायनासोर युग के वापस लौटने की आहट बता रहे हैं।
विशालकाय जीव डायनासोर का था राज
हमारी धरती पर करोड़ों साल पहले सबसे विशालकाय जीव डायनासोर का राज हुआ करता था। इस विशालकाय जीव के बारे में वैज्ञानिक अलग-अलग समय पर कई तरह के दावे करते रहे हैं। अब इस राज से पर्दा उठ गया है। वैज्ञानिकों ने दक्षिण अमेरिका में एक अहम खोज की है। उन्होंने यहां डायनासोर के एक फॉसिल वाले अंडे की खोज की है। इससे डायनासोर की जिंदगी के बारे में वैज्ञानिकों की समझ बेहतर होने की उम्मीद है। वैज्ञानिक इसे एक बड़ी खोज बता रहे हैं। माना जा रहा है कि यह अंडा करीब सात करोड़ साल पुराना है, लेकिन इसे बहुत अच्छी तरह संभालकर रखा गया है। खोजकर्ताओं का मानना है कि इसमें बच्चा हो सकता है। इस अंडे पर शोध से यह पता चल सकता है कि डायनासोर कैसे पले-बढ़े थे। यह अंडा करीब 70 मिलियन साल यानी 7 करोड़ पुराना माना जा रहा है। इसे बहुत अच्छी तरह संभालकर रखा गया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इसमें बच्चा हो सकता है। इस अंडे पर रिसर्च से पता चल सकता है कि धरती पर ऐसा क्या परिवर्तन आया था कि डायनासोर इस धरती से समाप्त हो गए। वैज्ञानिक इसे टाइम मशीन बता रहे हैं।
जीवाश्म कितना पुराना है पता लगाना मुश्किल
बता दें कि अभी तक वैज्ञानिकों के लिए यह पता लगाना बहुत ही मुश्किल काम था कि कोई भी जीवाश्म कितना पुराना है। उम्र का पता लगाने के लिए जीवाश्म के आस-पास मिलने वाली ज्वालामुखी की राख पर निर्भर रहते थे। समस्या यह थी कि हर जगह राख नहीं मिलती। ऐसे में यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता था कि डायनासोर एक साथ रहते थे या उनके बीच अंतर था। अब डायनासोर के अंडों के छिलकों से ही उनकी सही उम्र का पता चल जाएगा। यह अहम खोज अर्जेंटीना के नेचुरल साइंसेज म्यूजियम में वर्टीब्रेट के कम्पेरेटिव एनाटॉमी और इवोल्यूशन की लेबोरेटरी ने की है। फेडेरिको एग्नोलिन और उनके साथी मैटियास मोट्टा का मानना है कि पहली बार मांसाहारी डायनासोर का पहला पूरा अंडा मिला है। इससे लेट क्रेटेशियस पीरियड के दौरान घोंसले बनाने के तरीके, एम्ब्रियो के विकास और प्रजनन की दुर्लभ जानकारी भी मिल सकती है।
बहुत कम मिलते हैं फॉसिल अंडे
डिस्कवर मैगजीन में छपे लेख के अनुसार बताया गया है कि मांसाहारी डायनासोर के फॉसिल अंडे बहुत कम मिलते हैं। यही बात इसे खासतौर पर दिलचस्प बनाती है। यह अंडा आज के पक्षियों के जैसा अंडाकार न होकर लंबी गर्दन वाले सॉरोपोड के गोल मोटे शेल जैसा है। इसका आकार और शेल पर अजीब निशान बने हैं। इसे पहले नहीं देखा गया था। रिसर्च टीम को शुरू में लगा कि यह बोनापार्टेनिकस हो सकता है, जो एक छोटा लोकल थेरोपोड है। एग्नोलिन और उनके साथ काम करने वालों का मानना है कि यह एक अलग तरह का मांसाहारी डायनासोर हो सकता है।
डायनासोरों के घोंसले का खुलेगा राज
वैज्ञानिकों का मानना है कि अंडे के स्कैन से इन शिकारियों के बारे में और जानने का बड़ा मौका मिलेगा। साथ ही साइंटिस्ट को यह समझने में मदद मिल सकती है कि डायनासोरों में घोंसले बनाने का व्यवहार कैसे विकसित हुआ। यह भी पता चलेगा ये जीव समाजिक या अकेले रहने वाले माता-पिता थे। वैज्ञानिकों का कहना है धरती पर दोबारा डायनासोर युग के लौटने की संभावना नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके समय के मौसम और अब के मौसम में भारी बदलाव आ चुका है।





