नई दिल्ली, एजेंसी। नीट पेपर लीक मामले, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों और इसका विरोध कर रहे सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को राज्यसभा की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। उच्च सदन में हंगामे के कारण आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे बैठक शुरू होने पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने नीट पेपर लीक मामले, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध करते देखे गए। उप सभापति हरिवंश ने कार्यवाही आगे चलाने का प्रयास किया। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से अपनी बात रखने को कहा। रीजीजू ने कहा ह्यह्यनीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा की मांग आपने (विपक्ष ने) की थी और सरकार चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन आप चर्चा के लिए शर्त रख रहे हैं। शर्त का मतलब है कि आप चर्चा चाहते ही नहीं।ह्णह्ण नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक कविता पढ़नी चाही लेकिन उप सभापति ने उन्हें अनुमति नहीं दी। सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने बैठक को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे, दोपहर 12 बजे और दो बजे भी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने के बाद नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों और इसका विरोध कर रहे सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।
रास में नहीं थमा हंगामा, तीन बार बाधित होने के बाद बैठक दिन भर के लिए स्थगित
23-Jul-2026





