जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के चर्चे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी गूंजने लगे हैं। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हनुमंत कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इस कृत्य को सीधे तौर पर ‘श्रद्धा की चोरी’ बताया। उन्होंने आरोपियों को भगवान का ‘महादंड’ मिलने की बात कही। हालांकि, इस मामले में उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। एसआईटी की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बयान दिया है। उन्होंने इस घटना की तुलना त्रेतायुग में माता सीता के हरण से की। उन्होंने कहा कि रावण तो वही हैं, बस रूप बदल गए हैं। रावण ने केवल माता जानकी जी की चोरी की थी, उसका परिणाम यह निकला कि उसका नाश हुआ। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के दान पात्र से लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी की गई है, करोड़ों लोगों का भरोसा चोरी हुआ है।

उन्होंने कहा कि एफआईआर हुई है और जांच जारी है, दोषी पकड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो राम के दिए गए दान की चोरी करेगा, उसे सरकारी दंड मिलेगा और भगवान का भी दंड मिलेगा। बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है, लेकिन वहां बड़ी संख्या में हिन्दू भी रहते हैं। वहां कई बड़े हिंदू मंदिर भी हैं, जहां वहां मौजूद हिन्दू पूजा-पाठ करते हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे और रसीदों में कथित गबन व धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को वरिष्ठ अधिकारी विश्वजीत पांडेय की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी, जिसके आधार पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। 25 जून को राम जन्मभूमि कोतवाली में नव नियुक्त ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। इस आधार पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनसी) की धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चोरी, धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।





