नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रहीं। सत्रह मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े जिससे उनका यात्रा खर्च भी बढ़ गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। बाद में, डीएमआरसी ने झंडेवालान मेट्रो स्टेशन पर भी सेवाएं बंद कर दीं। इन्हीं 17 मेट्रो स्टेशनों पर सेवाएं बुधवार को भी बंद कर दी गई थीं। जोर बाग मेट्रो स्टेशन के बाहर महिपाल ढाका नामक व्यक्ति ने बताया कि वह काम के सिलसिले में रिठाला जा रहे थे, लेकिन स्टेशन बंद मिलने के बाद उन्हें यात्रा के लिए किसी वैकल्पिक साधन की तलाश करनी पड़ी। उन्होंने कहा, मुझे काम के लिए रिठाला जाना है, लेकिन अब मुझे किसी दूसरे परिवहन साधन की तलाश करनी पड़ेगी, जिसमें ज्यादा खर्च आएगा। उन्होंने कहा, बहुत से लोग रोजाना मेट्रो पर निर्भर रहते हैं। हमें देर हो जाती है और फिर अपने कार्यालयों में देरी से आने को लेकर जवाब देना पड़ता है। वहीं, एक अन्य यात्री अमित कुमार ने कहा कि बार-बार मेट्रो सेवाएं बंद होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो गई है और समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए उन्हें डेढ़ घंटे पहले घर से निकलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, मैं कल भी कार्यालय देर से पहुंचा था। आमतौर पर मैं सुबह आठ बजे घर से निकलता हूं, लेकिन आज समय पर पहुंचने के लिए मुझे सुबह साढ़े छह बजे ही निकलना पड़ा। शाम के समय भी लोग रात के 10 बजे तक घर पहुंच रहे हैं, क्योंकि मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, मार्गों में बदलाव और भारी यातायात के कारण उन्हें काफी देरी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल शिक्षक राजेश सिंह ने कहा कि मेट्रो सेवाओं को लेकर बनी अनिश्चितता ने उनकी रोजाना की यात्रा को तनावपूर्ण बना दिया है। उन्होंने कहा, हर सुबह घर से निकलने से पहले हमें यह देखना पड़ता है कि हमारा स्टेशन खुला है या नहीं। अगर हम जल्दी भी निकलते हैं, तब भी सड़कों पर भारी भीड़ रहती है, क्योंकि कई लोगों को बसों, आॅटो और कैब का सहारा लेना पड़ रहा है। समय पर स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है और हर दिन बनी रहने वाली अनिश्चितता की यह स्थिति बेहद थका देने वाली है। कई यात्रियों ने कहा कि प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बंद होने और मध्य दिल्ली में यातायात मार्गों में किए गए बदलावों के कारण यात्रा का समय और खर्च दोनों काफी बढ़ गए हैं।
दिल्ली: मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने के दूसरे दिन भी लोग परेशान, यात्रा का समय और खर्च बढ़ा
23-Jul-2026





