स्पेन के घातक ड्रोन से हड़कंप,एंटी मिसाइल को भी कर देगा बर्बाद

जनप्रवाद ब्यूरो। स्पेन के नए और घातक ड्रोन ने डिफेंस की दुनिया में हलचल मचा दी है। महज 150 किलो के इस रेजर ड्रोन के आगे एंटी-मिसाइल सिस्टम भी पानी मांगेगा। दुश्मन पूरे इलाके के सिग्नल्स को भी जाम कर दे, तब भी यह अपने आनबोर्ड विजुअल नेविगेशन के दम पर लक्ष्य को ढूंढकर उसे तबाह कर देगा।
दुनिया भर में जंग का माहौल

इन दिनों दुनिया भर में जंग का माहौल है। रूस-यूक्रेन युद्ध तो चल ही रहा है अब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। साथ ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान आमने-सामने आ चुके हैं। इस बीच तबाही फैलाने वाले नए-नए हथियारों का बाजार गरमा गया है। इसी कड़ी में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 में स्पेन ने दुनिया का सबसे खतरनाक ड्रोन पेश कर दिया। इस ड्रोन ने डिफेंस की दुनिया में हलचल मचा दी है। महज 150 किलो वजन वाला इस रेजर ड्रोन ने यह साबित कर दिया है कि अब युद्ध में जीपीएस का मोहताज होना पुरानी बात हो चुकी है। यह ड्रोन युद्ध की परिभाषा ही बदल सकता है। इस स्टेल्थ ड्रोन का नाम एसआरसी-100 रेजर है। बता दें कि स्पेन ने पहली बार इसे दुनिया के सामने रखा है। इसकी खूबियां जानकार बड़े-बड़े देशों के डिफेंस एक्सपर्ट दंग रह गए। यह ड्रोन महज एक मशीन नहीं, बल्कि अदृश्य शिकारी है। जिसके सामने सारे एंटी-मिसाइल सिस्टम फेल हो जाते हैं। इसके बारे में सबसे खतरनाक बात ये है कि ये ड्रोन जीपीएस जाम होने पर भी नहीं रुकेगा। बता दें कि किसी भी फाइटर जेट या ड्रोन के लिए जीपीएस सिग्नल महत्व रखते हैं। दुश्मन सेना अगर सिग्नल को जाम कर देती है तो ड्रोन अपना रास्ता भटक जाते हैं या क्रैश हो जाते हैं। वहीं इस ड्रोन के मामले में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
आत्मघाती ड्रोन फिर होगा इस्तेमाल

इस ड्रोन में जीपीएस डिनाइड नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है कि इसे अपनी लोकेशन पता करने के लिए जीपीएस सिस्टम की जरूरत नहीं पड़ती है। यह ड्रोन आनबोर्ड आटोनॉमी यानी खुद की समझ से काम करता है। अगर दुश्मन पूरे इलाके में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग भी कर दे, तब भी यह ड्रोन हजार रुकावटों के बाद भी अपने मिशन को अंजाम देता है। बिना किसी बाहरी सिग्नल के भी यह ड्रोन पूर्व-निर्धारित रास्तों पर चल सकता है और अपने लक्ष्य को तबाह कर सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि मिशन पूरा करने के बाद इसे सुरक्षित वापस जमीन पर उतारा जा सकता है। इसे वापस लाने के लिए इसमें पैराशूट रिकवरी मेथड का इस्तेमाल किया गया है। जैसे ही मिशन खत्म होता है, इसका पैराशूट खुल जाता है और यह सुरक्षित लैंडिंग करता है। सुरक्षित लैंडिंग के बाद इसे फिर से तैयार करके दूसरे मिशन पर भेजा जा सकता है। बता दें कि आमतौर पर अन्य आत्मघाती ड्रोन एक बार इस्तेमाल होने के बाद नष्ट हो जाते हैं। जिससे युद्ध का खर्च बढ़ जाता है, लेकिन स्पेन का यह रेजर ड्रोन अलग है। यह खूबी इसे बेहद किफायती हथियार बना देती है।
घातक होने के बावजूद ड्रोन भारी नहीं

इतना घातक होने के बावजूद यह ड्रोन बहुत भारी नहीं है। इसका वजन महज 150 किलोग्राम है। हल्का होने के कारण इसे कहीं भी ले जाना और लांच करना काफी आसान है। इसका डिजाइन स्टेल्थ है। इसका मतलब है कि यह दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता। यह चुपके से दुश्मन की सीमा में घुसकर तबाही मचाने की क्षमता रखता है।