डीएसी की बैठक में ऐतिहासिक रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डीएसी ने ऐतिहासिक रक्षा प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह 2.38 लाख करोड़ रुपये का है। इस सौदे में सेना के लिए धनुष तोपें, आकाशतीर सिस्टम और एस-400 मिसाइल और नए ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। 
कई खरीद सौदों को मंजूरी 

रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी की बैठक में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। डीएसी ने विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके तहत कई खरीद सौदों को मंजूरी दी गई है। इसमें लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये की लागत के सैन्य हार्डवेयर खरीदे जाएंगे। इसमें सेना के लिए विमान रोधी तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद भी शामिल है। वहीं लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान पी8आई के निरीक्षण के लिए कुल 858 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन अनुबंधों पर हस्ताक्षर यहां रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किये गये। मंत्रालय ने बताया कि सेना के लिए 445 करोड़ रुपये की लागत से तुुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद का अनुबंध रूस की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया है। ये अत्याधुनिक मिसाइलें देश की बहु-स्तरीय वायु रक्षा क्षमताओं को विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के विरुद्ध मजबूत करेंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।
2.38 लाख करोड़ रुपये का सौदा

अन्य रक्षा सौदों में डीएसी ने भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन खरीद को मंजूरी दी है। साथ ही उच्च क्षमता के रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम की खरीद की मंजूरी दी गई है। बता दें कि एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम रियल-टाइम में वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग क्षमता प्रदान करेगा। जबकि, उच्च क्षमता वाला रेडियो रिले भरोसेमंद और त्रुटि-रहित संचार सुनिश्चित करेगा। 

धनुष गन सिस्टम से तोपखाने की क्षमता बढ़ेगी। इससे सभी क्षेत्रों में लंबी दूरी के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी और सटीक ढंग से निशाना बनाया जा सकेगा। वहीं रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम सैन्य इकाइयों को निगरानी की क्षमता देगा। आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन' टैंक रोधी हथियारों की क्षमता को बढ़ाएगा। भारतीय वायु सेना के लिए मध्यम परिवहन विमान, लंबी दूरी की सतह-से-वायु मिसाइल प्रणाली एस-400 के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं।  साथ ही मध्यम परिवहन विमान के शामिल होने से एएन-32 और आईएल-76 के पुराने परिवहन बेड़े को बदलने के प्रस्ताव को झरी झंडी दी गई है।   इसके अलावा, भारतीय तटरक्षक बल के लिए भारी क्षमता वाले एयर कुशन वाहन खरीदने को मंजूरी दी गई है। इन वाहनों का उपयोग उच्च गति तटीय गश्त, टोही, खोज और बचाव अभियान समेत बहुउद्देश्यीय समुद्री तटीय संचालन के लिए किया जाएगा। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 55 प्रस्तावों के लिए आवश्यक स्वीकृति दी है। इसकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष में 503 प्रस्तावों के लिए पूंजी खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं।