जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। इन दिनोें साइबर अपराधियोें की बाढ़ सी आ गई है। नित नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों से ठगी की जा रही है। इसके लिए भारत सरकार, प्रदेश सरकारें और साइबर पुलिस लगातार लोगों को इनसे बचने के लिए जागरूक कर रही है। यहां तक कि मोबाइल डायलर टोन या फिर अन्य तरह के विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। बावजूद इसके साइबर अपराधी किसी न किसी बहाने लोगों को अपने जाल में फंसा ही लेते हैं।

इस बाबत प्रभारी साइबर डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन व लैपटॉप आदि बरामद किए है। इस बाबत डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पर सूचना मिली थी कि अज्ञात अभियुक्त ने खुद को ट्राय का अधिकारी बताकर वादी के मोबाइल पर अश्लील भेजे जाने की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच एवं सीबीआई से दिखाकर जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी की गई।

इस बाबत पुलिस ने टीम का गठन किया।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने सूचना के आधार पर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके नाम रिषभ तिवारी पुत्र राकेश तिवारी निवाठी अमेठी, कुंवर शुक्ला पुत्र रामगोपाल शुक्ला निवासी अमेठी को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि दोनों महज क्रमश: 21 और 20 वर्ष के हैं। शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों ही शातिर साइबर अपराधी हैं।
उक्त अभियुक्तों के खिलाफ देश के कई राज्यों में 6 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें उत्तर प्रदेश में एक, महाराष्ट्र में एक, तमिलनाडु में एक, बिहार में एक और जम्मू-कश्मीर में एक शिकायत दर्ज है। इन शिकायतों के तहत अब तक धोखाधड़ी से संबंधित 4 करोड़ 17 लाख रुपये की ठगी की गई है।
इस बाबत साइबर प्रभारी डीजीपी शैव्या गोयल ने लोगों को जागरूकता किया है।
1- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट-‘नेशनल साइबर रिपोर्टिंग’ पोर्टल पर दर्ज करें।
2- डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज नहीं होती, कोई भी पुलिस सीबीआई, ईडी आपको कॉल पर अरेस्ट नहीं कर सकती।
3- यदि आपके पास कोई भी व्यक्ति स्वयं को सीबीआई अधिकारी, पुलिस अधिकारी या नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी, या इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डराता है तो बिना डरे तुरंत इसकी शिकायत अपने पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस से करें।
4- यदि कोई व्यक्ति अश्लील वीडियो भेजने, अवैध मादक पदार्थ विक्रय, में हवाला जैसे कारोबार, मनी लांड्रिंग, स्मगलिंग, फर्जी आयात, निर्यात की बात कहकर डराता है तब आपको डरना या भयभीत नहीं होना है इसकी जानकारी तुरंत ही साइबर पुलिस से शिकायत करें।





