जन प्रवाद, ब्यूरो।
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्कर्ष नारी सम्मान युवा स्वाभिमान, प्रेरणा विमर्श-2026 कार्यक्रम का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक चेतना उसकी सनातन परंपरा में है। अगर सनातन भारत की जीवन-दृष्टि है, तो नारी उस जीवन दृष्टि का स्पंदन है। इस अवसर पर उन्होंने समाज तक सार्थक विमर्श पहुंचाने की वैचारिक यात्रा को आगे बढ़ाती पत्रिका ‘केशव संवाद’ के विशेषांक युवा और उत्तर प्रदेश तथा प्रेरणा विचार के विशेषांक उत्तर प्रदेश मातृशक्ति का विमोचन किया। संवाद के इस अभिनव प्रयास के लिए प्रेरणा विमर्श से जुड़े सभी पदाधिकारियों का उन्होंने हृदय से अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन चेतना ही उसकी वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और भारत की परंपरा में भी सभी पूजा पद्धतियों के सम्मान की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की यही विशेषता उसे दुनिया में अलग पहचान देती है। नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान विषय पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिन:’ की भावना दी है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी विचारों पर रोक नहीं लगाई, बल्कि दुनिया के हर हिस्से से अच्छे विचारों को स्वीकार करने की परंपरा रही है।

सीएम योगी ने कहा कि भारत के संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी पूजा पद्धति पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया और सभी को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावना भी समानता और सभी के अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत की संस्कृति कभी एकांगी नहीं रही। यहां अलग-अलग विचारों और परंपराओं के लिए स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सत्य एक है, उस तक पहुंचने के मार्ग अलग-अलग हो सकते हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की इसी सोच ने देश को विविधता के बावजूद एकता में बांधे रखा है।
सीएम योगी ने कहा कि सत्य, असत्य और अर्धसत्य में अंतर समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अर्धसत्य कभी सत्य नहीं हो सकता और कुछ लोग अर्धसत्य के माध्यम से भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों और युवाओं को किसी भी विषय को तथ्यों और संविधान की भावना के अनुरूप समझने की जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि भारत ने संकट के समय दुनिया के अलग-अलग समुदायों को शरण और सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मानवता और सभी के कल्याण की भावना रही है।
नारी सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान सनातन है तो नारी शक्ति का सम्मान भी उसकी परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से वर्तमान तक महिलाओं ने शिक्षा, शासन, संस्कृति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका साबित की है।

उन्होंने अहिल्याबाई होलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने सुशासन के साथ सांस्कृतिक कार्यों को भी आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवंतीबाई और वीरांगना झलकारी बाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महिलाओं के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कल्पना चावला और पीटी ऊषा जैसी महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां महिलाओं ने अवसर मिलने पर नेतृत्व नहीं किया हो। उन्होंने समाज से भेदभाव की मानसिकता बदलने और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में हुए इस समारोह में बड़ी संख्या में युवा, शिक्षाविद और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।





