जन प्रवाद, ब्यूरो।
लखनऊ। लखनऊ में दारोगा पर हमले के बाद अवैध डेयरियों से जब्त की गई 243 भैंसों को नीलाम कर दिया गया। लखनऊ नगर निगम के कांजी हाउस की नीलामी के दौरान समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। सपा विधाायक अरमान खान और कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। वहीं अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवारों से मिलकर पार्टी के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

बता दें कि समाजवादी पार्टी के विधायक असीम खान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और 40 भैंसों की नीलामी रोकने की कोशिश की। पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रभावित पशुपालकों से मिले और उन्हें हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। विरोध के बावजूद नगर निगम ने नीलामी पूरी की और सबसे ऊंची बोली 12.01 लाख रुपये की लगी।

बता दें कि 17 और 18 अगस्त को हुई कार्रवाई में 241 भैंसें, एक भैंसा और एक बछड़ा कांजी हाउस भेजा गया। दोपहर करीब एक बजे समाजवादी यूथ ब्रिगेड और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांजी हाउस के बाहर खरीदारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे हंगामा हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इसके बाद विधायक असमान खान पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने अतिरिक्त नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव को निलंबित करने की मांग की। पुलिस ने बाद में विधायक और कार्यकर्ताओं को बसों से हटाकर इको गार्डन भेज दिया। धरने के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसे पुलिस ने पीटा।
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव ने नगर निगम द्वारा भैंसों को उठाए जाने से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने परिजनों को हर संभव मदद देने और उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का आश्वासन दिया।
भारी विरोध और हंगामे के बीच नगर निगम ने नीलामी प्रक्रिया पूरी की। प्रति भैंस 21 हजार रुपये बेस प्राइस और 1 लाख 2 हजार रुपये जमा राशि के साथ कारोबारी मोहम्मद शाकिर ने 12.01 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर 40 भैंसों की नीलामी अपने नाम कर ली।





