जन प्रवाद, ब्यूरो।
दुबई। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में फंसे पर्यटक अब ज्यादा तनाव में हैं। दुबई से हमारे संवाददाता लगातार लोगों की परेशानियों को दिखा रहे हैं। कुछ पर्यटक एयरपोर्ट तक भी गए, लेकिन उन्हें वापस होटल पर आना पड़ा। उनका कहना है कि किसी तरह का कोई अपडेट भी नहीं मिल रहा है इसलिए चिंताएं और ज्यादा बढ़ गई हैं। बता दें कि 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार युद्ध चल रहा है। इजरायल और अमेरिका की मिसाइलों के जवाब में ईरान लगातार हमले कर रहा है। सबसे बड़ी समस्या भारत सहित विभिन्न देशों के पर्यटकों की है जो युद्ध के चलते वहां फंस गए हैं। युद्ध के कारण गल्फ कंट्रीज में फ्लाइट रद्द कर दी गई हैं और उनके संचालन की कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में वहां फंसे पर्यटक चिंतित हैं और उन्हें परिवार की चिंता सता रही है।

दुबई, सिंगापुर, कतर आदि शहरों में लाखों की संख्या में भारतीय रहते हैं। साथ ही घूमने के लिए भी सैकड़ों की संख्या में लोग जाते हैं। गल्फ कंट्रीज के इन शहरों में पर्यटकों को समस्या तब आई जब ईरान लगातार अमेरिकी बेस को निशाना बनाने के लिए मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है। यही वजह है कि यहां अंतराष्ट्रीय उड़ाने पूरी तरह से बंद हैं। इन शहरों में सैकड़ों की संख्या में भारतीय भी फंसे हुए हैं। हमारे पास सऊदी अरब और कुबैत से कई भारतीयों ने संपर्क किया और भारत सरकार तक उनकी आवाज को पहुंचाने की अपील की। उनका कहना है कि वे डरे और सहमे हुए हैं। भारत सरकार जल्द उन्हें वतन वापस बुलाने की व्यवस्था करे। 
वहीं दुबई में तो अब पर्यटक कुछ ज्यादा ही परेशान हो रहे हैं। 3 मार्च को जिन लोगों को वापस आना था, उनको 5 मार्च तक वापस आने की कोई खबर नहीं मिली। इस बाबत ग्रेटर नोएडा निवासी दिनेश कुमार नागर ने बताया कि उनको तीन मार्च को वापस आना था। चार मार्च को अपने परिवार के साथ होली मनाना था, लेकिन वे वापस नहीं लौट पाए। उनके दुबई में फंसने के चलते परिवार के लोगों ने होली तक नहीं मनाई। उन्होंने बताया कि कई लोग एयरपोर्ट भी गए थे, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। उन्हें वापस होटल आना पड़ा।
बता दें कि पर्यटक न तो वहां घूम पा रहे हैं और न ही वतन ही वापस आ पा रहे हैं। ऐसे में होटल में कब तक रहें और क्या करें, ऐसे में लोग होटल से नीचे आकर एक साथ बैठने पर मजबूर हैं। उन्हें अब अपने परिवार की चिंता सताने लगी है। एक दिन शांति के बाद अचानक धमाके की आवाज लोगों को फिर से डरा देती है, जिससे उनकी चिंताएं और भी बढ़ जाती हैं।

जन प्रवाद की टीम लगातार भारतीय पर्यटकों से बातचीत कर उनकी आवाज को भारत सरकार तक पहुंचा रही है। साथ ही उन्हें ढांढस बंधा रही है कि सरकार जल्द से जल्द कोई न कोई हल निकालेगी और वे सुरक्षित अपने वतन वापस पहुंचेंगे।
लाइव कवरेज : कैलाश चंद





