जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध का बुधवार 19वां दिन है। मंगलवार को इजरायली हमले में ईरान को बड़ा झटका लगा है। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के बाद अब सिक्योरिटी चीफ लीडर अली लारिजानी और उनके बेटे की मौत हो गई है। मौत होने की पुष्टि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी द्वारा की गई है। इसके बाद गुस्साए ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव में 100 से अधिक जगहों पर मिसाइल से हमला किया। ईरान के अनुसार यह हमला लारिजानी, उनके बेटे और बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी की हत्या के बाद बदला लेने के लिए किया गया है। ईरान का दावा है कि इजरायल का सबसे मजबूत डिफेंस सिस्टम भी इनकी मिसाइलों को रोकने में नाकामयाब रहा। वहीं इजरायल की मानें तो ईरान के हमले से एक महिला की मौत हुई है। इजरायल लगातार हमले करता रहेगा।

बता दें कि युद्ध में ईरान से सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बाद सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी, उनके बेटे सहित बड़े नेताओं के मरने की खबर के बाद ईरान पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अब ईरान में चल रहे युद्ध की कमान कौन संभालेगा यह यक्ष प्रश्न है। सबसे पहला नाम मुजतबा खामेनेई को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मुजतबा पूर्व सुप्रीम लीडर के पुत्र हैं। उन्हें उनके पिता की मौत के बाद एक बैठक के दौरान सुप्रीम लीडर बनाया गया था। उन्हें आर्थिक और रणनीतिक तौर पर काफी कुशल माना जाता है। उनके बाद दूसरा नाम मसूद पजश्कियान का आता है। फिलहाल प्रशासन संभालने की जिम्मेदारी वहीं निभा रहे हैं। उन्हें स्थाई रूप से न सही लेकिन अस्थाई रूप से लीडर के सूची में सूचीबद्ध किया जा सकता है। तीसरा नाम अहमद वाहिदी का आता है। वे रेवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें लारिजानी की मौत के बाद उनकी जिम्मेदारी संभालने के तौर पर देखा जा रहा है। उन्हें सेना और सुरक्षा संभालने का अच्छा अनुभव है। इनके अलाा पांचवा स्थान मोहम्मद बाघेर गालिबाफ का आता है। वर्तमान में वे ईरान की संसद के स्पीकर हैं। उन्हें भी इस सूची में डाला जा सकता है। वे पहले कमांडर भी रह चुके हैं। सरकार के अहम फैसलों में वे अहम भूमिका निभाते हैं। सूची में पांचवे स्थान पर इस्माइल कानी को रखा गया है। वे कुद्स फोर्स के प्रमुख हैं। विदेशों में ईरान के सैन्य आॅपरेशन्स और रणनीहित को संभालने का अनुभव है।

बता दें कि ईरान के सिक्योरिटी चीफ लारिजानी की मौत के बाद ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ बम बरसाए। ईरान के अनुसार उसने करीब 100 मिसाइलों से ज्यादा दागी हैं जिसमें इजरायल का काफी नुकसान होना बताया जा रहा है।
ईरानी हमलों को देखते हुए इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में अपने हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में सैदा जिले के अल अकीब्या शहर को निशाना बनाया गया है। इससे पूर्व कनारित शहर पर हमला हुआ था। वहीं उसके आसपास भी कई जगहों पर इजरायल ने हमला किया था।





