कब होगा इस जंग का अंत, झुकने को तैयार नहीं ईरान

जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। युद्ध शुरू होते ही ईरान ने अपने सबसे बड़े नेता अयातुल्लाह खामेनेई को खो दिया। अगर, देखा जाए तो इससे बड़ा दुख उसके लिए और क्या हो सकता है। यही वजह है कि ईरान अब पीछे मुड़ने को जल्द तैयार नहीं है। अमेरिका और इजरायल ने तेहरान सहित अन्य शहरों को तबाह कर दिया है। इजरायल ने उसके तेल डिपो को भी निशाना बनाया है। साथ ही आसपास लगातार हमले जारी हैं। ईरान की अर्थव्यवस्था का आधार ही तेल है। ऐसे में उसकी तेल सप्लाई पूरी तरह से रुकी हुई है। बावजूद इसके ईरान अब तक जंग रोकने की बात तक नहीं कर रहा। 


बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के युद्ध में मरने के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई सर्वोच्च नेता चुने गए। अमेरिकी पीएम डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अब जंग खत्म होने की कगार पर है। ऐसे में ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि इसका फैसला तो ईरान ही करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के जंग खत्म होने से जंग खत्म नहीं होगी। इसका अंतिम फैसला तो अब ईरान ही लेगा। सोचने की बात है कि इतना कुछ होने के बाद भी ईरान जंग खत्म करना क्यों नहीं चाहता। 


इस बाबत ईरान के सर्वोच्च लीडर के विदेश मामलों के सलाहकार कमाल खराजी ने बात की है। उन्होंने कहा कि अब तक हुए युद्ध में ईरान ने साबित कर दिया है कि ईरान किसी भी तरह की जंग लड़ सकता है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की बातों का कोई भरोसा नहीं हैं। वे अपना कोई भी वादा कभी पूरा नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब युद्ध से पहले वार्ता हो रही थी तो अचानक से हमले शुरू क्यों किए।

उन्होेंने सबसे डरावने वाली बात कही कि अब यही संभव है कि दुनिया ऐसी आर्थिक स्थिति से कराह उठे के ज्यादातर देश करने लगें कि जंग रोक दी जाए। ऐसी स्थिति में अमेरिका और इजरायल को गारंटी देनी होगी कि वे ईरान पर दोबारा हमला नहीं करेंगे। ऐसा अमेरिका ऐसा नहीं करता है तो यह जंग कभी नहीं रुकेगी। बता दें कि अमेरिका-ईरान जंग से भारत सहित कई देश प्रभावित हैं। इसका प्रभाव आने वाले समय में और ज्यादा देखने को मिलेगा। भारत में अभी से रसोई गैस की किल्लत देखने को मिलने लगी है।