जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध ईरान के सबसे पावरफुल संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी कर पूरी दुनिया में हलचल तेज कर दी है। संगठन के बयान से पूरी दुनिया को चिंता सताने लगी है। दरअसल, आईआरजीसी ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने के लिए कसम खाई है। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कहीं से भी ढूंढ निकालेंगे और मार देंगे।
नोएडा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध ईरान के सबसे पावरफुल संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी कर पूरी दुनिया में हलचल तेज कर दी है। संगठन के बयान से पूरी दुनिया को चिंता सताने लगी है। दरअसल, आईआरजीसी ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने के लिए कसम खाई है। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कहीं से भी ढूंढ निकालेंगे और मार देंगे।

ईरानी संगठन ने अपनी वेबसाइट सेपाह न्यूज पर यह बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि अगर बच्चों की जान लेने वाला अपराधी जिंदा कैसे रह सकता है। हम पूरी ताकत से उसे खोजेंगे और उसे मार देंगे। आईआरजीसी के कमांडरों ने कहा कि 28 फरवरी को हमारे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या एक ऐसा अपराध है जिसका हिसाब नेतन्याहू को अपनी जान देकर चुकाना होगा। इसके लिए वे कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार हैं।

बता दें कि इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज के अनुसार तेहरान के साथ युद्ध अब एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित तेल नियंत्रण केंद्र पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की सराहना की।
काट्ज ने एक टेलीविजन बयान में शीर्ष सैन्य अधिकारियों से कहा है कि ईरान के खिलाफ वैश्विक और क्षेत्रीय संघर्ष का नेतृत्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कर रहे हैं। यह और तेज हो रहा है और एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। यह संघर्ष आवश्यकता के अनुसार जारी रहेगा।
पिता की मौत का लेंगे बदला
वहीं गुरुवार को ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोज्तबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद पहला बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी देशों पर हमले अनवरत जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस युद्ध में ‘उस मंझे हुए खिलाड़ी’ को भी शामिल किया गया जिसने पूर्व में कई अमेरिकी, ब्रिटिश अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को बाहर कर दिया था। ईरान अब और ताकत के साथ युद्ध में लड़ेगा।
बता दें कि अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों में स्थिति सामान्य नहीं है। लोग डरे और सहमे हुए हैं। स्कूल-कॉलेज में पढ़ने के छात्र भय के साये में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं नौकरी पेशा लोग भी भयभीत नजर आ रहे हैं। जो लोग दुबई या अन्य खाड़ी देशों में फंसे हैं वे धीरे-धीरे वतन वापसी कर रहे हैं।





