जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले 20 दिनों से जंग चल रही है। इस जंग में न तो अमेरिका ही झुकने को तैयार है और न ही ईरान हमलों में कोई कसर छोड़ रहा है। 20वें दिन भी दोनों ओर से हमले किए गए जिसमें काफी नुकसान हुआ है।
इसी के बीच भारत से मध्यस्थता की अपील की जा रही है। रूस का कहना है कि भारत इस युद्ध को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा रूस ने अमेरिका और इजरायल पर बिना वजह ईरान पर हमला करने के आरोप लगाए हैं। बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलाकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरू की थी। युद्ध को 20 दिन हो चुके हैं। इस युद्ध से न सिर्फ ईरान और अमेरिका को नुकसान हो रहा है बल्कि दुनियाभर के देश संकट में पड़ते जा रहे हैं।

रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है कि भारत इस युद्ध को समाप्त करने में अहम भूमिका निभा सकता है। प्रवक्ता जखारोवा ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से पैदा हुए संकट को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रयास करने चाहिए। खबरें यह भी आ रही हैं कि रूस और ईरान के बीच सहयोग बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि रूस ईरान को सैटेलाइट इमेजरी और आधुनिक ड्रोन तकनीक उपलब्ध करा रहा है। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि यह सहयोग ईरान को अमेरिकी सेनाओं को निशाना बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, जन प्रवाद इसकी पुष्टि नहीं करता है।

बता दें कि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध से भारत भी प्रभावित है। यहां गैस की मारामारी चल रही है। वहीं तेल संकट भी गहरा सकता है। ईरान अमेरिका के बीच चल रही जंग के चलते तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यही नहीं एलएनजी की कीमतों में तो 85 से 90 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हुई है। भारत कच्चा तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 50 प्रतिशत और एलपीजी का 60 प्रतिशत आयात करता है।





