जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच लगातार चल रहे युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से फोन पर बात की। ईरान विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां शिपिंग और समुद्री यातायात की स्थिति का जिम्मेदार अमेरिका और इजरायल है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस संकट के लिए अमेरिका की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

विदेश मंत्री ने ईरान से की बात
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ संघर्ष से संबंधित नवीनतम घटनाक्रम पर विस्तृत बातचीत हुई है। बातचीत में संपर्क में रहने पर सहमति बनी। ईरान ने सोशल मीडिया के माध्यम जो बयान जारी किया उसमें संयुक्त राष्ट्र की घोषणा का भी उल्लेख है। जिसमें कहा गया कि अमेरिका की कार्रवाई का सर्वाधिक प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ा है। बता दें कि यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिका ने जनरल कासिम सुलेमानी को मारने की घोषणा की। यह घोषणा आयतुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में मारने के कुछ दिनों बाद की गई।

वैश्विक स्तर पर गहराया तेल संकट
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है। एस. जयशंकर ने अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया। उन्होंने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री से भी बात की। उन्होंने पश्चिम एशिया के संकट पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बता दें कि तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है। यह दुनिया का एक बेहद संकरा और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस का करीब 20 प्रतिशत व्यापार होता है।
बता दें कि भारत ईरान और अमेरिकी युद्ध को लेकर बहुत चिंतत है। चूंकि, इसका असर भू-राजनीतिक नहीं बल्कि सीधा आर्थिक और मानव जीवन पर पड़ेगा। सर्वविदित है कि भारत अपनी आवश्यकता का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में व्यापारिक मार्ग बाधित होने से कीमतों में उछाल आना लाजिमी है।





