खटाई में पड़ गया 10 सूत्रीय सीजफायर प्लान

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच 14 दिनों के अस्थाई रूप से हुआ सीजफायर अब खटाई में पड़ गया है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से कहा कि जब तक असली समझौता पूरी तरह से लागू नहीं होता तब तक अमेरिकी सेना, जहाज और हथियार ईरान के आसपास ही तैनात रहेंगे।


डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समझौता टूटा तो पहले से कहीं ज्यादा तेज और घातक हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने फिर से दोहराया कि वह ईरान को किसी भी हाल में परमाणु बम नहीं बनाने देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह से रोक लगाना मेरी पहली प्राथमिकता है। 


अमेरिका ने स्टेट ऑफ होर्मुज पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुनिया का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खुला रहना चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए। अमेरिका नौसेनए के जहाज वहां निगरानी के लिए मौजूद रहेंगे। इस मार्ग पर ईरान का नियंत्रण बर्दाश्त नहीं किया जाएग। 
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है। उनकी सेना सिर्फआदेश का इंतजार कर रही है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी के साथ ही सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि वह इस कीटनीतिक मौके पर फायदा उठा सकता है। चूंकि, अमेरिका की सहनशक्ति अब खत्म हो चुकी है। 


बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब दोनों देशों के बीच 14 दिनों के लिए अल्प सीजफायर घोषित किया गया था। अब सीजफायर को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद नजर आ रहा है। ट्रंप यह पहले ही कह चुके हैं कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला तो हमले और तेज होंगे। बता दें कि ईरान स्ट्रेट आॅफ होर्मुज पर टोल वसूली की बात कर रहा है। प्रति बैरल एक डॉलर वसूलने की उसकी रणनीति किसी भी देश के लिए सही नहीं होगी। चूंकि, स्ट्रेट आॅफ होर्मुज अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्ग है। यह सभी के लिए खुला हुआ है। अब तक इस पर किसी का कब्जा या वसूली नहीं हुई।