जन प्रवाद, ब्यूरो।
नई दिल्ली। रांची से दिल्ली जा रही रेड बर्ड एविएशन की एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले में क्रैश हो गई। विमान में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी, डॉक्टर और दो पायलट समेत कुल सात लोग सवार थे। सभी की मौत हो गई।
संजय कुमार पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले ढाबे में आग लगने से वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। रांची के देवकमल अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें दिल्ली रेफर किया गया था। परिवार ने कर्ज लेकर एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया था।
नई दिल्ली। रांची से दिल्ली जा रही रेड बर्ड एविएशन की एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले में क्रैश हो गई। विमान में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी, डॉक्टर और दो पायलट समेत कुल सात लोग सवार थे। सभी की मौत हो गई।
संजय कुमार पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले ढाबे में आग लगने से वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। रांची के देवकमल अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें दिल्ली रेफर किया गया था। परिवार ने कर्ज लेकर एयर एंबुलेंस का इंतजाम किया था।

हादसे ने एक साथ छह घरों में मातम फैला दिया। संजय के दो बेटे शिवम (13) और शुभम (17) अब अनाथ हो गए। पहले ही 2004 में नक्सलियों ने उनके पिता की हत्या कर दी थी। संजय की मां सीता देवी बेटे के असमय निधन से सदमे में हैं।
जिला प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने बताया कि संजय को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल ले जाया जा रहा था।






