जन प्रवाद, ब्यूरो।
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। नाराज होकर अपने घर से निकली महिला ने शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी। चमत्कार वाली बात यह है कि वह 14 घंटे बाद जिंदा बरामद की गई है। शास्त्री पुल से करीब 35 किलोमीटर दूर चुनार में मछुआरों की नजर गंगा में बह रही महिला पर पड़ी और उसे नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने महिला का बयान दर्ज कर परिजनों को सौंप दिया है। उफनाती गंगा की तेज धार में कूदने के बाद भी घंटों बाद जिंदा रहने से लोग अचंभित हैं। हर तरफ इसे लेकर चर्चा हो रही है।

पुलिस के अनुसार छोटी बसही मोहल्ला का रहने वाला सूर्यबली गुजरात में काम करता है। सूर्यबली की पत्नी सुनीता किसी बात से नाराज होकर मंगलवार शाम पांच बजे शास्त्री पुल से गंगा में कूद गई थी। सूचना पर पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। गंगा की तेज धार में बहते हुए हुई वह चुनार घाट पहुंच गई। बुधवार सुबह करीब सात बजे चुनार घाट पर गणेश साहनी, रामबाबू साहनी और रंजीत साहनी गंगा में मछली पकड़ रहे थे। उन्होंने पानी में महिला को बहते देखा तो उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। महिला की हालत खराब होने पर डॉक्टर को बुलाकर उपचार कराया गया। होश में आने के बाद महिला ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे उसने पति को फोन कर दवा खरीदने के लिए पैसे भेजने को कहा था। पति ने पैसे भेजने से इनकार कर दिया और कहा कि मेरा तुमसे कोई मतलब नहीं, जाकर मर जाओ। इससे आहत होकर वह घर से निकली और शास्त्री पुल से गंगा में छलांग लगा दी थी। महिला के सुरक्षित मिलने की सूचना पर पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस की पूछताछ में महिला का अपनी सास से विवाद होने की बात भी सामने आई है। चुनार कोतवाल विजयशंकर सिंह ने बताया कि एक महिला मंगलवार की शाम शास्त्री पुल से गंगा में कूदी थी। जो दूसरे दिन चुनार घाट के पास मिली है। उपचार के बाद वह स्वस्थ है। महिला को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।





