जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। नोएडा हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। हिंसा में बाहरी तत्वों का हाथ था। नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 66 लोगों में 45 मजदूर ही नहीं थे। यानी बाहर के लोगों ने आकर यहां के मजदूरों का न सिर्फ उकसाया बल्कि खुद शामिल होकर हिंसा की। इस बाबत जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आउटसोर्स एजेंसियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अगर अब आपके श्रमिकों में बवाल करने की हिमाकत की तो न सिर्फआपकी लाइसेंस निरस्त होगी बल्कि ब्लैकलिस्ट में भी डाल दिया जाएगा।

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। सरकार ने बताया कि नोएडा पुलिस द्वारा हिंसा के दौरान पकड़े गए 66 लोगों में 45 तो ऐसे थे जो मजदूर ही नहीं हैं। इनका वहां फैक्ट्रियों से कोई वास्ता ही नहीं है। अब सवाल उठता है कि क्या हिंसा बाहरी से आकर अराजक तत्वों ने भड़काई। अगर ऐसा है तो इसके पीछे कौन काम कर रहा है और उसका खुलासा कब तक होगा।





