गडकरी ने वेदों को बताया सबसे प्राचीन धमग्रंथ, बोले, वैश्विक संघर्षों के बीच दुनिया को दे सकते हैं ज्ञान

नागपुर, एजेंसी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वैश्विक संघर्षों और एक-दूसरे को नष्ट करने की कोशिश कर रहे देशों के बीच भारत की विरासत, संस्कृति व इतिहास विश्व को ज्ञान प्रदान करने की शक्ति देते हैं। गडकरी ने नागपुर में एनजेटी वेद पाठशाला के उद्घाटन समारोह में एक सभा को संबोधित किया, जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे। गडकरी ने कहा कि वेद विश्व के सबसे प्राचीन धर्मग्रंथों में से हैं। गडकरी ने कहा कि भारत का इतिहास, संस्कृति और विरासत विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जो केवल स्वार्थ से ऊपर उठकर विश्व कल्याण पर बल देती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और विचारधारा जाति, संप्रदाय एवं भाषा से ऊपर उठकर समस्त मानवता के कल्याण पर बल देती है। गडकरी ने कहा कि लगातार जारी युद्धों और एक-दूसरे को नष्ट करने के प्रयासरत राष्ट्रों के बीच, भारत अपनी विरासत, संस्कृति और इतिहास के माध्यम से ज्ञान प्रदान कर सकता है, जो सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों में निहित हैं।