जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। घूमने-फिरने के शौकीन लोगों के लिए वाइल्ड लाइफ टूरिज्म यानी वन्यजीव पर्यटन काफी रोमांचक होता है। इस यात्रा में जंगल सफारी, पक्षी और प्रकृति की तस्वीरें लेना शामिल है। यहां खुली गाड़ी या जीप में बैठकर शेर, बाघ या हाथी को देखने का अलग ही आनंद है। अगर आप भी इस खास पलों का आनंद उठाना चाहते हैं तो मध्य प्रदेश आपके लिए वेस्ट डेस्टिनेशन हो सकता है।
पर्यटकों के लिए खास रहा मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश हमेशा से वाइल्ड लाइफ टूरिज्म पर्यटकों के लिए खास रहा रहा है। यहां पर्यटक न केवल जंगलों की सैर करते हैं बल्कि यहां की अद्भुत जैव-विविधता से भी परिचित होते हैं। साथ ही यहां के घने जंगल, टाइगर रिजर्व, नदियां, घास के मैदान और तरह-तरह के वन्यजीव इसे उन यात्रियों के लिए एक बेहतरीन जगह बनाते हैं जो सिर्फ जंगल सफारी ही नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ने का अनुभव भी चाहते हैं। मध्य प्रदेश को भारत का टाइगर स्टेट माना जाता है। यहां कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना जैसी जगहें वाइल्डलाइफ सफारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हैं। राज्य में टूरिज्म की सुविधाएं ऐसी हैं कि आप एडवेंचर के साथ-साथ शांत जंगली माहौल में आरामदायक और बेहतरीन रहने की जगह का भी आनंद ले सकते हैं।
घूमने-फिरने से अलग है सफारी
बता दें कि जंगल सफारी आम घूमने-फिरने से बहुत अलग होती है। इसका मकसद सिर्फकिसी खास स्मारक या आकर्षण तक पहुंचना नहीं बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में जाना और जंगल को उसकी जीवंत अवस्था में देखना होता है। सूरज उगने से पहले सुबह-सुबह की सफारी शुरू हो जाती है। इस समय जंगल ठंडा और शांत होता है। ऐसे समय में पक्षियों की आवाज, हिरणों की चाल, झाड़ियों में हलचल और जंगल के रास्ते पर कभी-कभी दिखने वाले जानवरों के पैरों के निशान एक तरह का रोमांच पैदा करते हैं। बाघ, तेंदुआ, स्लॉथ बियर, जंगली कुत्ते को देखना एक यादगार अनुभव बन जाता है।
मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण वाइल्डलाइफ
आम तौर पर मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क खास तौर पर बाघों को देखने और पथरीली पहाड़ियों, जंगलों और घाटियों के शानदार मेल के लिए मशहूर है। कान्हा नेशनल पार्क में साल के जंगल, बांस, घास के मैदान और नदियों का शानदार नजारा दिखता है। यह जगह हार्ड-ग्राउंड बारहसिंगा के संरक्षण के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, पेंच नेशनल पार्क उस इलाके से जुड़ा है जिसने द जंगल बुक को प्रेरित किया था। यह जगह कई तरह के स्तनधारियों और पक्षियों के लिए जानी जाती है। इसी तरह सतपुड़ा नेशनल पार्क ऊबड़-खाबड़ जमीन, घने जंगलों और प्रकृति के करीब जाने के मौकों के साथ कुछ अलग अनुभव देता है। पन्ना नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ के साथ-साथ खजुराहो इलाके की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जगहों को देखने का मौका भी मिलता है। वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन के लिए मध्य प्रदेश आने का बड़ा फायदा यह है कि एक ही राज्य में कई तरह के अनुभव मिलते हैं। यात्री बांधवगढ़-कान्हा-पेंच को कवर करने वाला मल्टी-डेस्टिनेशन वाइल्ड लाइफ सर्किट प्लान कर सकते हैं। इसके अलावा खजुराहो जैसी हेरिटेज जगहों की यात्रा अलग अनुभव प्रदान करेगी। अनुभव सिर्फसफारी तक ही सीमित नहीं रहता। बर्डवॉचिंग, नेचर वॉक, साइकलिंग, गांव घूमना, आदिवासी संस्कृति को जानना, फोटोग्राफी और बस नदी के किनारे शांति से बैठना वाइल्डलाइफ हॉलिडे के मजा को और बढ़ा सकता है। कान्हा नेशनल पार्क के पास बहने वाली बंजर नदी का इलाका बहुत आकर्षक है। कान्हा पार्क के अलावा एक और दिलचस्प विकल्प एमपीटी सफारी लॉज, मुक्की है। यह मुक्की गेट के पास और बंजर नदी के किनारे स्थित है। इसका जंगल वाला माहौल, आरामदायक रहने की जगह, स्विमिंग पूल, ट्री हाउस और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियां देखने को मिलेगी। यह जगह उन यात्रियों के लिए खास है जो सफारी के रोमांच के साथ-साथ आराम भी करना चाहते हैं। आपको एमपीटी जंगल रिजॉर्ट सारही में भी ऐसा ही अनुभव प्राप्त होगा। यह इलाका सारही गेट के पास है। इसकी सीमा नेशनल पार्क से जुड़ी है, जिससे आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ एकांत माहौल भी मिलता है। आरामदायक जंगल में रहने की जगह के साथ सफारी का मजा लेने के लिए बांधवगढ़ एक और बेहतरीन जगह है। यहां आप एमपीटी व्हाइट टाइगर फॉरेस्ट लॉज, बांधवगढ़ और बांधवगढ़ टाइगर रिजॉर्ट जैसी जगहों को घूमने का आनंद प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह पेंच की अपनी अलग खासियत है। साथ ही तुरिया और अन्य क्षेत्रों के पास अच्छी रहने की जगह उपलब्ध है। इनमें बाघवन, पेंच नेशनल पार्क, पेंच जंगल कैंप और जंगल कैंप्स इंडिया शामिल है।





