जनसांख्यिकीय असंतुलन से सामाजिक समरसता पर पड़ रहे असर पर समन्वय बैठक में चर्चा की गई: आरएसएस

विशाखापत्तनम, एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता मुकुंद ने शुक्रवार को कहा कि कुछ क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय असंतुलन और इसका सामाजिक समरसता पर पड़ने वाले प्रभाव के मुद्दे पर तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में चर्चा की गई। बैठक में हुई चर्चा के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुकुंद ने कहा कि कुछ वर्गों या समुदायों की आबादी में तेजी से वृद्धि हो रही है जबकि कुछ अन्य की आबादी घट रही है। उन्होंने कहा कि इस असंतुलन पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा की गई।उन्होंने कहा कि प्रजनन दर में गिरावट आ रही है और कुछ क्षेत्रों में  जनसांख्यिकीय असंतुलन के कारण समाज में पहले से मौजूद समरसता भी प्रभावित हो रही है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बारे में आरएसएस नेता ने कहा कि बैठक में तंत्र की कुछ खामियों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में युवाओं की चिंताओं, उनके भविष्य के लिए किए जाने वाले उपायों और देश के विकास में उनके योगदान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।