दोनों सदनों से वंदेमातरम बिल पास, अपमान पर होगी तीन साल की जेल

जनप्रवाद एजेंसी। आज संसद के मॉनसून सत्र का 10वां दिन है। आज भी विपक्ष का हंगामा जारी है। वहीं 9 वें दिन हंगामे के बीच राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी वंदेमातरम बिल पास हो गया, इसके बाद सरकार को बड़ी सफलता तब मिली जब राज्यसभा से भी लोक परीक्षा संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल गई। वहीं पीएम मोदी ने इसको लेकर नया वीडियो जारी किया।
पीएम मोदी ने शेयर किया वीडियो

पीएम मोदी ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को संसद से मंजूरी मिलने के बाद देशवासियों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दिशा में एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं। इस कानून को तैयार करते समय राज्यों के सुझावों का भी पूरा ध्यान रखा गया। पिछले कई वर्षों से लगभग सभी राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पेपर माफिया, परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

शाह ने बताया ऐ​तिहासिक कदम

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक उन अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत निवारक के रूप में उभरेगा, जो सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को कम करके देश के युवाओं की आकांक्षाओं को खतरे में डालते हैं। उन्होंने कहा कि नया कानून उन अपराधों के खिलाफ सबसे कड़ा कदम साबित होगा। शाह ने कहा कि योग्यता आधारित प्रणाली से छेड़छाड़ की कोशिश करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा देने के प्रावधानों वाला नया कानून यह सुनिश्चित करेगा कि युवा अपने सपनों को पूरा कर सकें।
राज्यसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एंटी पेपर लीक बिल पर कहा कि 2 साल बाद आप जिस काम को कर रहे हैं, उसे 2024 में क्यों नहीं किया। राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में लगातार पेपर लीक और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठा रहे थे। आप ये करते तो क्रेडिट नहीं मिलता। उस समय परीक्षा व्यवस्था को सुधारने की बजाय आप जल्दबाजी में ऐसा कानून लाए थे जिसे दो साल में ही आपको संशोधित करना पड़ रहा है। इस बिल का हम स्वागत करते हैं लेकिन ये अभी अधूरा है। यह पेपर लीक होने के बाद की कार्रवाई को मजबूत करता है, पेपर लीक होने से रोकने की मजबूत व्यवस्था इसमें नहीं है। वहीं खरगे के मनुस्मृति वाले बयान पर खूब हंगामा हुआ। उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख किया और कहा कि शिक्षा में वंचित वर्गों के साथ भेदभाव किया जाता था। हंगामे के बीच विपक्ष ने सदन का वॉकआउट कर दिया।

खड़गे के बयान पर जेपी नड्डा का पलटवार

मनुस्मृति का उल्लेख किए जाने पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा हो गया। खड़गे के इस वक्तव्य पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि अभी नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जो वक्तव्य दिया है, उससे समाज में द्वेष की भावना पैदा होती है और अशांति का वातावरण बनता है। हम सभी इस सदन के जिम्मेदार सदस्य हैं। जहां तक मेरी जानकारी है, उन्होंने जो बातें कही हैं, वे तथ्यों से परे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और आज उनके व्यवहार ने यह साबित भी कर दिया। करीब आठ घंटे तक चर्चा चली और हर सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया गया। सत्ता पक्ष ने सभी बातों को गंभीरता से सुना। लेकिन जब मंत्री जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो विपक्ष सदन से बाहर चला गया। यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।

इससे साफ है कि विपक्ष की चर्चा में कोई रुचि नहीं है। उन्हें लोकतंत्र, संसद और संसदीय कार्यवाही का सम्मान नहीं है। राज्यसभा में लोक परीक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने प्रियंका गांधी के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक को लेकर प्रधानमंत्री जी बेहद गंभीर हैं। इसके लिए उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट का एलान किया। कैबिनेट में कठोर कानून वाला बिल पास किया। युवाओं के लिए हमारे शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय काम किए। इसके लिए हाई पावर्ड टास्क बनाई। मगर सभापति महोदय ये समझ नहीं आता कि इसके बीच में गोमूत्र का जिक्र कहां से आ जाता है। समझ नहीं आता जिसका उस टॉपिक से कोई लेना-देना नहीं, वो कहां से आ जाता है। जिनको गो-मूत्र का पता नहीं है। उनको बताना चाहता हूं, कि गो-मूत्र का एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, मेडिसिनल वैल्यू के लिए पेटेंट है। और गोमूत्र का बायो एनहांसर के रूप में पेटेंट है। मगर जिनके दिमाग में मार्क्स और मैकाले का गोबर भरा है तो उन्हें कहां से यह बात समझ में आएगी। दूसरी ओर बृहस्पतिवार यानी कल राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी वंदे मातरम बिल पास कर दिया गया है। बिल को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच इसे पास किया गया। इसी के साथ ही साथ सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई है। आज भी संसद में विपक्ष का हंगामा जारी है। बता दें कि वंदे मातरम बिल का मकसद वंदे मातरम को भी राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है। अगर कोई वंदे मातरम का अपमान करता है तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। बिल पास होने के बाद सपा सांसद जियाउर्रहमान ने कहा कि देश में बड़ी मुस्लिम आबादी है, इसलिए उनकी भावनाओं और चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बिल के जरिए सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करना चाहती है।