सहारनपुर में ध्वस्त की अवैध मस्जिद, अदालत के आदेश के बाद हुई कार्रवाई 

जन प्रवाद, ब्यूरो। 
सहारनपुर। यूपी के सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद में शनिवार तड़के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट सील कर दिए। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर के अंदर प्रवेश करने नहीं दिया गया। सुरक्षा के लिए आरएएफ समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।


बता दें कि मस्जिद हटाने की कार्रवाई दो सितंबर को जिला जज की अदालत के आदेश के बाद शुरू की गई। जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनें रात में ही कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा दी गई थीं। इसके बाद शनिवार तड़के धीरे-धीरे मस्जिद के ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान ध्वस्तीकरण से पहले ही कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों प्रवेश द्वार सील कर दिए गए। किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस-प्रशासन और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने मस्जिद हटाने से पहले जिलेभर के माहौल का जायजा लिया। खुफिया इनपुट जुटाने के बाद शुक्रवार देर शाम से परिसर के आसपास पुलिस की आवाजाही बढ़ गई थी।


सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। शनिवार सुबह कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। 
जानकारी के अनुसार बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद के संबंध में शिकायत की थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई। 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष की ओर से 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की गई। जिला जज की अदालत में मामले की 17 तारीखों पर सुनवाई हुई। इसके बाद दो सितंबर को अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
इसी मामले को लेकर कैराना सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से पहले उनके कैराना स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। बताया गया कि सांसद सहारनपुर जाने के लिए घर से निकल रही थीं, तभी बड़ी संख्या में पुलिस बल उनके आवास पर पहुंच गया और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।