जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप के बयानों की खूब चर्चा हो रही है। साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कोशिशों पर भी दुनिया की नजरें हैं। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने भी बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कई मुद्दों का जिक्र किया। इनमें ईरान युद्ध, ग्रीनलैंड का अधिग्रहण और रूस-यूक्रेन युद्ध प्रमुख हैं। ट्रंप ने अपने भाषण में संयुक्त राष्ट्र के मंच से ही इस वैश्विक निकाय की जमकर आलोचना भी की। ट्रंप ने गर्व से बताया कि उनके प्रशासन ने कैसे संयुक्त राष्ट्र की फंडिंग में कटौती की है। अमेरिकी राष्ट्रपति के भाषण के दौरान उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप भी विश्व भर के राजनयिकों की भीड़ में मौजूद थीं। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान कभी भी परमाणु बम नहीं बना पाएगा। मेरा मानना है कि समस्याओं को तब तक बढ़ने नहीं देना चाहिए जब तक उन्हें सुलझाना और मुश्किल न हो जाए। ईरान पर अपनी नीतियां स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि क्या ईरान के साथ कोई ऐसा समझौता होगा जिससे वे पहले से कहीं बेहतर देश बना सके। उन्होंने आगे सवालिया अंदाज में कहा कि ईरान को बेहतर देश बनने का मौका दिया जाए या फिर मैं इस इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह खत्म कर दूं और वह भी इतनी तेजी से कि उन्हें दोबारा हत्या और तबाही मचाने का कोई मौका ही न मिले? ट्रंप ने भरोसा जताते हुए कहा कि मुझे यकीन है कि चुनाव के ठीक बाद हम कोई समझौता कर लेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सभी देशों से अपील की है कि वे ईरान को पूरी तरह से आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में अमेरिका का साथ दें। उन्होंने कहा कि ईरान को तब तक अलग-थलग रखा जाना चाहिए जब तक वह कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद न कर दे। इसके अलावा वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ न दे और आतंकवाद को समर्थन देना बंद न कर दे।
भाषण के दौरान ट्रंप का बड़ा बयान
संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने इस बात से इनकार किया कि ईरान युद्ध के कारण अमेरिकी सेना के पास उन्नत हथियारों की कमी हो रही है। ट्रंप ने कहा कि हमारे पास इतने गोला-बारूद हैं कि हम उनका इस्तेमाल करने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकते, और हम उनका निर्माण ऐसे स्तर पर कर रहे हैं जो हमने पहले कभी नहीं किया। साथ ही ट्रंप ने भाषण में यह आश्वासन दिया कि यूक्रेन में रूस का युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हम इसे पूरा कर लेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क के साथ हुए समझौते से अमेरिका को ग्रीनलैंड में 'सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण मिल गया है। ट्रंप ने कहा कि इस समझौता का मतलब है कि हम तुरंत उपयुक्त स्थानों पर एक बड़ी सैन्य उपस्थिति विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
एआई का नाम बदलने की बात
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नाम आधिकारिक तौर पर बदल देंगे। मौजूदा नाम से यह तकनीक नकली लगती है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शब्द का प्रयोग इसे नकली बना देता है, यह इसे नकली जैसा प्रतीत कराता है जबकि यह नकली नहीं है। यह वास्तव में आश्चर्यजनक है। ट्रंप ने अमेरिकी शेयर बाजार के प्रदर्शन, 2025 तक आधिकारिक अमेरिकी गरीबी दर में गिरावट, दक्षिणी सीमा पर अवैध घुसपैठ को रोकने के अपने प्रयासों और अमेरिकी शहरों में हिंसक अपराध दर में कमी के बारे में बात की। ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान दुनियाभर में कई संघर्षों को खत्म कराने का श्रेय लिया। उन्होंने कहा का कि वह अमेरिका के इकलौते ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने दुनिया में आठ युद्धविराम कराए हैं। इसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष का भी जिक्र किया। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कोशिशों के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है तो ईरान 7 दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल सकता है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत में होर्मुज को लेकर तेहरान की शर्तें रखीं। ईरानी पक्ष ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियां जारी करने और सभी मोर्चों पर जंग खत्म करने की मांग रखी।





