यूपी में गुमशुदा लोगों का खंगाला जा रहा डेटा

जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। दिल्ली में लोगों के गायब होने की फर्जी सूचना ने यूपी में भी हड़कंप मचा दिया था। यूपी डीजीपी ने तो सभी जनपद मुख्यालयों से डेटा मांग लिया और उसे आॅलाइन अपडेट करने का भी निर्देश दे दिया। इसके बाद आनन-फानन में डेटा निकाला गया और ऑनलाइन अपडेट करने का सिलसिला शुरू किया गया, जो अभी भी जारी है।


गुमशुदगी देख दंग रह गई पुलिस
यूपी के जिलों से जब गुमशुदगी का डेटा आया तो सभी दंग रह गए। आखिर, इतने लोग गायब हैं और पुलिस ने इन्हें ढूंढने की जहमत तक नहीं उठाई।
दरअसल, जो गुमशुदगी के मामले दर्ज किए गए थे, उनमें से ज्यादातर लोग अपने घर वापस आ चुके थे। लेकिन, न तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और न ही पुलिस ने इस बाबत जानने की कोशिश की। जब उच्चाधिकारियों ने डेटा मांगा तब आनन-फानन में पुलिस ने गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर फोन करना शुरू किया। इसके बाद पता चला कि दर्ज शिकायत में ज्यादातर लोग अपने घर लौट चुके हैं। बात अगर गोरखपुर की करें  तो  यहां पुलिस ने एक हफ्ते में 2275 गुमशुदा ढूंढ निकाले। हालांकि, 320 अब भी लापता हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सत्यापन पूरा होने के बाद ही लापता की सही संख्या सामने आ जाएगी।  दिल्ली में लापता की खबर से यूपी में तलाश
बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली में अचानक आठ सौ लोगों के लापता होने की खबर से सनसनी फैल गई थी। जब इसकी पड़ताल की गई तो खबर झूठी निकली। इस खबर को किसने फैलाया इसकी अभी भी जांच चल रही है। दिल्ली से एक साथ 800 लोगों के गायब होने की सूचना से परिजन भी बहुत ज्यादा सतर्क हो गए। वे अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरने लगे थे। हालांकि, हर किसी को यह सतर्कता बरतनी थी चाहिए। खासकर छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।