जन प्रवाद, ब्यूरो।
नोएडा। कर्नाटक में शिवाजी जयंती पर निकाले गए जुलूस के दौरान हिंसक झड़प होने की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बागलकोट किले के पास शिवाजी जयंती पर जुलूस के दौरान दो समुदाय भिड़ गए। बहस से शुरू हुए इस तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि मस्जिद के बाहर कार्यकर्ताओं पर पथराव हुआ इसके बाद बाहर लगे टेंटों में आग लगा दी गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को बल का भी प्रयोग करना पड़ा। तनाव बढ़ता देख सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

जनकारी के अनुसार गुरुवार शाम शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर मराठा समुदाय की ओर से एक जुलूस का आयोजन किया गया था। इसकी शुरुआत शहर के ही अंबा भवानी मंदिर से हुई। जैसे ही जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा तभी डीजे की आवाज और नारेबाजी से मस्जिद में मौजूद मुस्लिम समुदाय ने आपत्ति जताई। जुलूस में शामिल पुलिस ने समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन मस्जिद में मौजूद मुस्लिम पक्ष नहीं माना और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए। पथराव में सिद्धू गोवेल सहित कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर हालात को काबू में किया। आयोजकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस घटना के वीडियो और फोटो लोगों ने सोशल मीडिया पर डाल दिए। वीडियो में एसपी सिद्धार्थ गौड़ की गर्दन से खून बहता दिखाई दे रहा है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं एक महिला पुलिस अधिकारी भी घायल हुई है। पुलिस ने रात 11 बजे तक स्थिति पर काबू पा लिया। एसपी सिद्धार्थ गौड़ के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और मौके पर ही हालात संभाल लिए गए।





