एयरपोर्ट के चारों ओर बेहतर कनेक्टिीविटी

जनप्रवाद संवाददाता,ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में एयरपोर्ट के चारों तरफ एक्सप्रेस वे की 2026 तक बाढ़ आ जाएगी। जेवर एयरपोर्ट को करीब 5 एक्सप्रेस वे से जोड़ दिया जाएगा। ये एक्सप्रेस वे गंगा और यमुना के बीच बनने वाला 74 किलोमीटर नया एक्सप्रेस वे, खुर्जा से जेवर को जोड़ने वाला एक्सप्रेस वे एवं गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले एक्सप्रेस वे एवं दिल्ली मुम्बई हाइवे के बल्लभगढ़ से 31 किलोमीटर लंबा एक एक्सप्रेस वे जेवर एयरपोर्ट को जोड़ेगा। जेवर एयरपोर्ट को शुरू होने से पहले ही यहां पर पॉल्यूशन फ्री बसों का संचालन भी कर दिया जाएगा


यमुना औद्योगिक क्षेत्र में एयरपोर्ट के संचालन से पहले बसों के संचालन के साथ-साथ इस एयरपोर्ट को रैपिड मेट्रो, मेट्रो एवं भारतीय रेल से भी जोड़ दिया जाएगा, भारत का यह पहला एयरपोर्ट ऐसा होगा जो भारतीय रेल से सीधे कनेक्ट होगा। भविष्य में भारतीय रेल एयरपोर्ट के सभी 6 टर्मिनलों को टच करते हुए गुजरेगी। यह लाइन दिल्ली मुंबई एवं दिल्ली हावड़ा दोनों रूटों के बीच कनेक्ट हो जाएगी।

यमुना क्षेत्र के अंदर अब तक कई बड़ी-बड़ी कंपनियां एवं बड़े-बड़े शैक्षणिक संस्थाओं ने भी यहां पर अपनी यूनिट लगाने की इच्छा जाहिर की है जो 2026 तक पूरी तरह से धरातल पर उतर आएंगे। यदि बड़ी कंपनियों की बात की जाए तो यमुना के सेक्टर 28, 29, 32 और 33 में कुबोटा, तोष, मिंडा, वामा सुंदरी, सोलर सेल, निंजा, सांगरी, न्यू हॉलैंड जैसी कंपनियों ने यमुना क्षेत्र में अपना एल वाई जारी करवा लिया है। जल्दी ही यह कंपनियां यहां पर अपनी यूनिट स्थापित करेंगी। इन कंपनियों में लगभग 2 लाख लोगों को सीधे रोजगार मिल जाएगा, जबकि 5 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से यहां पर रोजगार ले सकेंगे। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के अंदर कई विदेशी सिटी भी बसाने का प्रस्ताव आ चुका है। इसमें कोरियन सिटी, जापानी सिटी, अमेरिकन सिटी के साथ-साथ यहां पर फेंटेकसिटी के लिए भी यमुना प्राधिकरण का प्रयास तेजी से चल रहा है। 2026 में इन सभी को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बसाने का काम किया जाएगा।