तारों को निगलने वाला ब्लैकहोल, अब अचानक उगलने लगा अवशेष

जनप्रवाद ब्यूरो, नई दिल्ली। अंतरिक्ष की गहराइयों में एक ऐसी घटना घटी है जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। धरती से लगभग 66.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक विशालकाय ब्लैक होल तारों को निगलने के अब उसके अवशेषों को बाहर उगल रहा है। वैज्ञानिकों को इस घटना से पूरे अंतरिक्ष में तारे का मलबा फैलने का डर सताने लगा है।
जेट को जेट्टी मैकजेटफेस दिया गया नाम 

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ब्लैक होल की खोज की है जो तारों को निगलने के बाद भयानक ऊर्जा छोड़ रहा है। यह प्रक्रिया रुकने का नाम नहीं ले रही है। वैज्ञानिकों ने इस ताकतवर जेट को जेट्टी मैकजेटफेस नाम दिया है। यह ब्लैक होल 2018 में पहली बार चर्चा में आया था। उस समय इसने एक तारे को अपने गुरुत्वाकर्षण से पकड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दिया था। यह घटना इसलिए खास है क्योंकि आमतौर पर जब कोई ब्लैक होल तारे को निगलता है तो वह उसके मलबे या गैस को तुरंत बाहर फेंकता है। इस ब्लैक होल ने कुछ अलग किया। अब यह विशालकाय ब्लैक होल तारों को निगलने के कई सालों बाद अब उसका मलबा अंतरिक्ष के बाहर फेंक रहा है। साथ ही खतरनाक ऊर्जा भी छोड़ रहा है।
ज्यादा चमकदार और ऊर्जावान होता ब्लैक होल

वैज्ञानिकों का मानना है कि आमतौर पर ऐसी घटनाएं कुछ समय बाद शांत हो जाती हैं, लेकिन यह ब्लैक होल चार साल बाद और भी ज्यादा चमकदार और ऊर्जावान होता जा रहा है। यह वर्तमान में ब्रह्मांड की सबसे चमकीली वस्तुओं में से एक बन गया है। यूनिवर्सिटी आफ ओरेगन की एस्ट्रोफिजिसिस्ट यवेटे सेंडेस के मुताबिक, यह नजारा बहुत ही अजीब है। यहां के वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी घटना की ऊर्जा इतने लंबे समय तक बढ़ते रहना हैरान करने वाला है। रिसर्च के अनुसार, यह ब्लैक होल 2019 की तुलना में अब 50 गुना ज्यादा चमक रहा है। इसकी ऊर्जा की तुलना स्टार वार्स फिल्म के डेथ स्टार से की जा रही है। यह ग्रहों को तबाह कर सकता है। बता दें कि यह जेट उस काल्पनिक डेथ स्टार से भी खरबों गुना ज्यादा ताकतवर बनता जा रहा है।
66.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर घटना

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह ब्लैक होल पृथ्वी से लगभग 66.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक शांत गैलेक्सी में स्थित है। राहत की बात यह है कि इस जेट की दिशा पृथ्वी की तरफ नहीं है। अगर यह पृथ्वी की ओर होता, तो इसकी ऊर्जा और मलबा धरती को प्रभावित कर सकते थे। यवेटे सेंडेस का कहना है कि अगर इस जेट के रास्ते में कोई ग्रह आएगा तो वह पूरी तरह राख हो जाएगा। वैज्ञानिक अभी भी इस पर रिसर्च कर रहे हैं कि यह ऊर्जा और कितनी बढ़ सकती है। यूनिवर्सिटी आॅफ ओरेगन के खगोलविदों ने डेटा एनालिसिस के आधार पर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उनका मानना है कि इस जेट से निकलने वाली रेडियो तरंगें अभी और बढ़ेंगी। अनुमान है कि 2027 के आसपास इसकी ऊर्जा अपने शिखर पर होगी। इसके बाद ही इसकी चमक धीरे-धीरे कम होना शुरू होगी। वर्तमान में यह जेट प्रकाश की गति के करीब से दौड़ने वाले चार्ज्ड पार्टिकल्स का एक पुंज बन चुका है। वैज्ञानिक इस बात से हैरान हैं कि आखिर यह ऊर्जा अभी तक क्यों बढ़ रही है। थ्योरी के अनुसार यह जेट बहुत पतला था, लेकिन समय के साथ यह चौड़ा हो रहा है, जिससे ज्यादा रोशनी दिख रही है।