अंतरिक्ष में बहुत बड़ा धमाका, ऊर्जा की ऐसी लहरें कभी नहीं देखीं

जनप्रवाद ब्यूरो, टीम। वैज्ञानिकों ने पहली बार ब्लैक होल से निकलने वाले जेट की तात्कालिक अविश्वसनीय शक्ति को मापने में सफलता हासिल की है। इसमें 10,000 सूर्यों जितनी ताकत पाई गई। इसकी गति 50,000 किलोमीटर प्रति सेकंड मिली। यह ब्लैक होल विशालकाय नीले तारे का शिकार करते हुए भी देखा गया।
डरावने और दिलचस्प विषयवस्तु रहे हैं ब्लैक होल 

ब्लैक होल हमेशा से सबसे डरावने और दिलचस्प विषयवस्तु रहे हैं। अब 100 मिलियन साल की लंबी गहरी नींद के बाद एक विशाल ब्लैक होल अचानक जाग गया है। वैज्ञानिकों ने जब इस नजारे को देखा तो वे दंग रह गए, क्योंकि इसकी सक्रियता किसी खौफनाक ब्रह्मांडीय ज्वालामुखी के फटने जैसी थी। अंतरिक्ष में हुए इस धमाके ने ऊर्जा की ऐसी लहरें पैदा की हैं, जो कल्पना से परे हैं। पृथ्वी से लगभग 7,000 प्रकाश वर्ष दूर यह खतरनाक ब्लैक होल देखा गया है। इसे सिग्नस-1 नामक सिस्टम की मदद से खोजा गया। इसमें पाया गया कि एक विशालकाय ब्लैक होल अपने साथी सुपरजायंट तारे को धीरे-धीरे निगल रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह कोई साधारण खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में होने वाला महातांडव है। यह ब्रह्मांड के बनने और बिगड़ने की कहानी लिख रहा है। नेचर एस्ट्रोनॉमी में प्रकाशित हुई एक नई रिसर्च के मुताबिक यह ब्लैक होल इतना शक्तिशाली है कि इसकी जेट्स यानी निकलने वाली ऊर्जा की किरणें 10,000 सूर्यों की पॉवर के बराबर ऊर्जा पैदा कर रही हैं।
सटीकता से ब्लैक होल की शक्ति का आकलन

बता दें कि यह पहली बार है जब वैज्ञानिकों ने इतनी सटीकता से ब्लैक होल की विनाशकारी शक्ति का अंदाजा लगाया है। यह ब्लैक होल हमारे सूर्य से 21 गुना ज्यादा भारी पाया गया। इसका शिकार बनने वाला तारा इससे भी कहीं ज्यादा विशाल और चमकीला है। वैज्ञानिकों ने रेडियो टेलिस्कोप की मदद से देखा कि ब्लैक होल से निकलने वाली जेट्स सीधी नहीं हैं, बल्कि वे अंतरिक्ष में एक खास तरह का डांस कर रही हैं। रिसर्च के लीड आॅथर स्टीव प्रभु का मानना है कि ब्लैक होल जब तारे का मास निगलता है, तो उससे निकलने वाली ऊर्जा की किरणें तारे की तेज हवाओं से टकराकर मुड़ जाती हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे धरती पर फव्वारे का पानी तेज हवा के झोंके से अपनी दिशा बदल लेता है। इसी को वैज्ञानिकों ने डांसिंग जेट्स का नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है यह घटना सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं बल्कि ब्लैक होल के रहस्यमयी व्यवहार को समझने का एक बड़ा मौका भी है। इस दुर्लभ ब्रह्मांडीय घटना ने यह साबित कर दिया है कि जिसे हम शांत अंतरिक्ष समझते हैं, वहां कभी भी तबाही मच सकती है। यह खोज ब्लैक होल के जीवन चक्र और उनके खाने के पैटर्न को डीकोड करने में काम आएगी।  इस सिस्टम के एनालिसिस से पता चला है कि ब्लैक होल तारे से छीने गए मटेरियल को आधे प्रकाश की गति से वापस अंतरिक्ष में फेंक रहा है। इसकी रफ्तार लगभग 1,50,000 किलोमीटर प्रति सेकंड है। ब्लैक होल की ग्रेविटी इतनी जबरदस्त है कि वह तारे के वायुमंडल को अपनी ओर खींचकर एक डिस्क बना लेता है। इस डिस्क से जो ऊर्जा निकलती है, उसका 10 प्रतिशत हिस्सा इन जेट्स के जरिए बाहर निकलता है। यह खोज वैज्ञानिकों के उन पुराने सिद्धांतों पर मुहर लगाती है, जिन्हें अब तक सिर्फ कंप्यूटर मॉडल्स में ही देखा गया था।