21 साल तक एक ही जगह पर की लगातार खोज, समुद्र से निकाल लिया खजाना

जनप्रवाद ब्यूरो, नोएडा। ब्रिटेन के एक सख्स की खोज ने वैज्ञानिकों और समुद्र में खोज करने वाले शोधकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। इस सख्स ने 21 साल तक एक ही जगह पर लगातार खोज जारी रखी। इसका नतीजा यह हुआ कि उसके हाथ में 443 साल पहले समुद्र ने डूबा हुआ खजाना हाथ लग गया।  समुद्र के रास्ते से माल ढुलाई और जहाजों पर हमलों का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। ऐसी कई कहानियां हैं, जब खजाने से भरे जहाज डूब गए या फिर उसे समुद्री लुटेरों ने लूट लिया। ब्रिटेन के इतिहास में भी आज से 443 साल पहले ऐसी ही घटना घटी थी। सोने-चांदी और खजाने से लदा एक जहाज समुद्र में डूब गया था। इसका पता लगाने के लिए कई खोजी अभियान में चलाए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। अब इसे एक शख्स ने खोज निकाला है। इस खजाने की खोज ने सबको हैरान कर दिया है। बता दें कि यह पूरा खजाना साल 1583 में डूबे एन फ्रांसिस नाम के जहाज से जुड़ा हुआ है। उस समय यह जहाज अनाज लेकर स्पेन गया था। वापसी के दौरान भुगतान के रूप में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के सिक्के और अन्य कीमती सामान लेकर लौट रहा था। 28 दिसंबर 1583 को समुद्र में आए भीषण तूफान ने जहाज को अपनी चपेट में ले लिया और वह डूब गया। इसके साथ ही जहाज में रखा पूरा खजाना भी समुद्र की गहराइयों में समा गया। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इस जहाज के खजाने को खोजने के लिए कई अभियान चलाए गए। इतिहासकारों का मानना है कि इस जहाज में मौजूद ऐतिहासिक सामग्रियां समुद्र की गहराई में दफन हैं। अगर पूरी तरह खोज की जाए तो कई रहस्य उजागर हो सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि सैंकड़ों साल पहले जब आधुनिक जहाज नहीं थे तब समुद्र के रास्ते कैसे व्यापार होता था।
ब्रिटेन के वेल्स में रहता है सख्स

बता दें कि हम जिस खजाने की खोज की बात कर रहें हैं उसको तलाशने वाले सख्स का नाम पीटर ह्यूजेस बताया जा रहा है। 69 साल का ये शख्स ब्रिटेन के वेल्स में रहता है। पीटर ने करीब 21 साल तक लगातार एक ही समुद्री तट पर खोजबीन की।  वे हजारों घंटे मारगम बीच पर अपने मेटल डिटेक्टर के साथ जाते रहे। कई बार उन्हें कुछ भी नहीं मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार समुद्र में आए तेज तूफानों के बाद जब रेत हटने लगी तो धीरे-धीरे उन्हें सोने-चांदी के सिक्के और कई ऐतिहासिक वस्तुएं मिलने लगीं। पीटर का कहना है कि खोज का रोमांच ही उन्हें बार-बार उसी जगह लौटने के लिए प्रेरित करता रहा। मीडिया रिपोर्ट में छपी खबर के अनुसार, उनकी इस लंबी मेहनत ने इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण जहाजी खजाने को दुनिया के सामने ला दिया।
पहली बार मिला सोने का सिक्का 


पीटर ह्यूजेस के अनुसार पहली बार उन्हें सोने का सिक्का मिला था। वह पल उनकी जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव बन गया। उन्होंने जैसे ही सिक्का रेत से उठाया और उस पर जमी रेत हटाई, वह धूप में चमकने लगा। शुरूआत में उन्हें लगा कि यह कोई धार्मिक टोकन है क्योंकि उस पर एक संत की आकृति बनी हुई थी। जब उन्होंने सिक्के का दूसरा हिस्सा देखा तो उस पर पुर्तगाल का शाही प्रतीक दिखाई दिया। तब उनकी उन्हें समझ आ गया कि यह बेहद कीमती ऐतिहासिक सोने का सिक्का है।  पीटर ह्यूजेस को खोज के दौरान करीब 870 सोने और चांदी के सिक्के मिले। इनमें स्पेन के राजा फर्डिनेंड और रानी इसाबेला के शासनकाल के दुर्लभ सिक्के भी शामिल हैं। इसके अलावा पुर्तगाल का प्रसिद्ध साओ विसेंटे स्वर्ण सिक्का भी मिला। इसके अलावा बर्तन और पीतल का एक कॉम्बिनेशन लॉक मिली। सबसे दिलचस्प बात यह है कि उस ताले का कोड नहीं खुल पाया ।
भारी मात्रा में मिली ऐतिहासिक वस्तुएं

खजाने के संबंध में पीटर ह्यूजेस ने कहा कि जब उन्हें इतनी बड़ी मात्रा में ऐतिहासिक वस्तुएं मिलीं तो पहले उन्हें समझ नहीं आया कि आगे क्या किया जाए। इसके बाद उन्होंने वेल्स के राष्ट्रीय संग्रहालय से संपर्क किया। उन्होंने माना कि यह खजाना किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं बल्कि पूरे समाज और वेल्स की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। ऐसे में उन्होंने सभी वस्तुएं संग्रहालय को सौंप दीं ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस इतिहास को करीब से देख और समझ सकें।